शिल्पग्राम में “ऋतु वसंत’’ कथक, भरतनाट्यम, ऑडिसी से प्रस्फुटित हुई बसंत बहार
उदयपुर, 15 मार्च।पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से शिल्पग्राम में आयोजित ‘‘ऋतु वंसत’’ शुक्रवार को शुरू हुआ। तीन दिवसीय उत्सव के पहले दिन नई दिल्ली की अमेजिया संस्था के कलाकारों ने भारत की तीन शास्त्रीय कलाओं में ऋतुराज बसंत को मोहक अंदाज में दर्शाया।

उदयपुर, 15 मार्च।पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से शिल्पग्राम में आयोजित ‘‘ऋतु वंसत’’ शुक्रवार को शुरू हुआ। तीन दिवसीय उत्सव के पहले दिन नई दिल्ली की अमेजिया संस्था के कलाकारों ने भारत की तीन शास्त्रीय कलाओं में ऋतुराज बसंत को मोहक अंदाज में दर्शाया।
शिल्पग्राम के मुक्ताकाशी रंगमंच पर आयोजित कार्यक्रम के पहले दिन दर्शकों को भारत की शास्त्रीय नृत्य विधाओं को एक साथ अनूठी ब्लैंडिंग और कलात्मक सामंजस्य के साथ देखने का मौका मिला। कार्यक्रम की शुरूआत आराध्य देवस्तुति से हुई इसके बाद एक-एक कर तीन शैलियों के मौलिक तत्व भाव भंगिमाओं और मोहिनी मुद्रा के साथ देखने को मिले।
उत्तर भारत की कथक शैली में जहां कथक के मूल तत्वों को लयकारी के साथ दिखाया गया वहीं भरतनाट्यम ने दक्षिण भारत की समृद्ध नृत्य परंपरा को आंगिक अभिनय और दृश्य संरचना के साथ प्रस्तुत किया।
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प्रस्तुति में ओडिशा के मंदिरों में किये जाने वाले ओडिशी नृत्य में दैहिक लांच और संगीत का माधुर्य देखने को मिला। इस सुंदर प्रस्तुति में ओडिसी में निशिता नंदा पुष्पांजलि और विश्वनाथ भरतनाट्यम में अपराजिता एवं उपासना तथा कथक में अंजलि अभिनव और अनुपमा ने अपने नर्तन से वासंती रंग बिखेरा।
