बिना कोचिंग के प्रथम प्रयास में रोहिन बना R.A.S

जिस प्रकार की शिक्षा वर्तमान में चल रही उसको देखते हुए कोचिंग किये बिना उन परीक्षाओं में पास होने में परेशानी आती है लेकिन उदयपुर के 25 वर्षीय रोहिन माथुर ने बिना किसी प्रकार की कोचिंग किये राजस्थान प्रशासनिक सेवा प्रतियोगी परीक्षा में प्रथम प्रयास में 125 वीं रेंक प्राप्त कर आने वाले छात्रों के लिये एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

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बिना कोचिंग के प्रथम प्रयास में रोहिन बना R.A.S

जिस प्रकार की शिक्षा वर्तमान में चल रही उसको देखते हुए कोचिंग किये बिना उन परीक्षाओं में पास होने में परेशानी आती है लेकिन उदयपुर के 25 वर्षीय रोहिन माथुर ने बिना किसी प्रकार की कोचिंग किये राजस्थान प्रशासनिक सेवा प्रतियोगी परीक्षा में प्रथम प्रयास में 125 वीं रेंक प्राप्त कर आने वाले छात्रों के लिये एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

रोहिन ने बताया कि उन्होेंने स्कूलिंग सेन्टपाॅल से की और उसके बाद बी.टेक एवं वेल्लोर से वी.बाईटी करने के बाद उन्होेंने कुछ समय के लिये विप्रो कम्पनी में जाॅब की लेकिन दादाजी के प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति हानेे के बाद उनसे प्रेरणा लेकर इस प्रतियोगी परीक्षा की पढ़ाई प्रारम्भ की और प्रथम प्रयास में ही बिना किसी कोचिंग के 125 वीं हासिल की।

रोहिन ने इस सफलता का श्रेय अपनी माता विभा माथुर, पिता सुधीर माथुर, मामा लालबहादुर भटनागर, आईएएस मित्र मिलिंद बापना एवं छोटा भाई मुदित माथुर को दिया।

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