3458 करोड़ रुपये से फोर लेन हाईवे की बदलेगी तस्वीर ! 10 लाख लोगों को मिलेगा बड़ा फ़ायदा
Udaipur Times, Seoni-Balaghat Four-lane Highway : मध्य प्रदेश का बालाघाट ज़िला देश के सबसे लंबे नेशनल हाईवे से जुड़ने जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दे दी है। बालाघाट-सिवनी फोर-लेन हाईवे को मंज़ूरी मिलने से यात्रियों की मुश्किलें कम होंगी और वे आराम से यात्रा कर सकेंगे। जो रास्ता कभी सड़क हादसों और गड्ढों के लिए जाना जाता था, वह अब तेज़ी से विकास का रास्ता बन जाएगा।
90 किलोमीटर की जो यात्रा पहले चार घंटे में पूरी होती थी, वह अब दो घंटे से भी कम समय में पूरी हो जाएगी। सिवनी तक फोर-लेन हाईवे के लिए 3,458 करोड़ रुपये की लागत से मंज़ूरी मिल गई है।
बालाघाट देश के सबसे लंबे हाईवे से जुड़ेगा
इस फोर-लेन हाईवे के बनने से बालाघाट का विकास तेज़ी से होगा। हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल के तहत, स्टेट हाईवे-72 के सिवनी-बालाघाट हिस्से को पक्के शोल्डर वाली फोर-लेन सड़क में बदला जाएगा। यह हाईवे न सिर्फ़ बालाघाट और सिवनी के बीच यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से भी कनेक्टिविटी बेहतर करेगा। इससे सिवनी से गुज़रने वाले देश के सबसे लंबे नेशनल हाईवे के ज़रिए नागपुर से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, साथ ही दूसरे छोर पर महाराष्ट्र के गोंदिया ज़िले से भी संपर्क बेहतर होगा। इसके अलावा, ज़िले की छत्तीसगढ़ से भी बेहतर कनेक्टिविटी हो जाएगी।
10 लाख लोगों को होगा सीधा फ़ायदा
बालाघाट-सिवनी फोर-लेन हाईवे के बनने से दोनों ज़िलों के लगभग 10 लाख लोगों को सीधा फ़ायदा होगा। पहले बालाघाट से सिवनी तक की 91 किलोमीटर की यात्रा में लगभग तीन घंटे लगते थे; नई फोर-लेन सड़क से यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा। इससे मौजूदा संकरी सड़क पर होने वाले ट्रैफ़िक जाम और हादसों से भी राहत मिलेगी।
एक बार जब चार-लेन वाला हाईवे बन जाएगा, तो बालाघाट के माइनिंग इलाकों जैसे मैंगनीज़ की खदानों और कॉपर प्रोजेक्ट से ट्रांसपोर्टेशन आसान हो जाएगा, जिससे सरकारी रेवेन्यू बढ़ेगा। साथ ही, यह चार-लेन वाली सड़क खेती के उत्पादों और कमर्शियल हब के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है।
महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से कनेक्टिविटी
महाराष्ट्र: सिवनी-बालाघाट फोर-लेन हाईवे, नेशनल हाईवे 543 (NH-543) और NH-543K के ज़रिए महाराष्ट्र से सीधा संपर्क बनाएगा और गोंदिया, नागपुर और भंडारा शहरों को जोड़ेगा।
छत्तीसगढ़: बालाघाट से आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ की सीमा को छूने वाला यह रास्ता रायपुर, कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा जैसे शहरों के लिए लाइफलाइन साबित होगा।
इस प्रोजेक्ट से जुड़ने वाले प्रमुख शहर:
सिवनी
बालाघाट
जबलपुर
गोंदिया
नागपुर
भंडारा
रायपुर
राजनांदगांव
पर्यटन के लिए फ़ायदे
मध्य प्रदेश में यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले एक कॉरिडोर के तौर पर काम करेगा। इस प्रोजेक्ट से लगभग 8 से 10 लाख लोगों को फ़ायदा होगा। यह सड़क भेड़ाघाट, कान्हा और पेंच टाइगर रिज़र्व घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए भी फ़ायदेमंद होगी। इसलिए, मध्य प्रदेश के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों में इस प्रोजेक्ट को अहम माना जा रहा है। कैबिनेट की मंज़ूरी मिलने के बाद जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।