हरियाणा में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 815 करोड़ रुपये मंजूर, ये सरकारी अस्पताल होंगे अपग्रेड

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Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने प्रदेश में अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को तेज़ी से पूरा करने, निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। सरकार अब केवल औपचारिक समीक्षा तक सीमित न रहकर जवाबदेही आधारित कार्यप्रणाली के तहत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दे रही है, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े बड़े निर्माण कार्यों हेतु 815 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में निर्धारित 210 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 288 प्रतिशत अधिक है। सरकार की कार्य निष्पादन आधारित सोच को दर्शाते हुए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ही 203.75 करोड़ रुपये लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) को जारी कर दिए गए हैं, ताकि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने स्वास्थ्य परियोजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी संबंधित विभागों को संशोधित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला नागरिक अस्पतालों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य भवनों, क्रिटिकल केयर ब्लॉकों, टीबी केंद्रों तथा विशेष आश्रय सुविधाओं से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा की गई।

सरकार ने लंबित परियोजनाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) को देरी के मामलों में जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के कई प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के आदेश जारी किए गए।

अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में 100 से 200 बिस्तरों के विस्तार ब्लॉक के शेष कार्य को दोबारा आवंटित कर दिया गया है और इसका निर्माण फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं अस्पताल कर्मचारियों के आवासीय कार्यों को 30 मई 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। भिवानी जिले के सिवानी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने तथा शेष कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

गुरुग्राम जिले में फर्रुखनगर उपमंडल अस्पताल के लंबित कार्यों को एक माह के भीतर पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसी प्रकार सेक्टर-10 गुरुग्राम स्थित नागरिक अस्पताल को 100 से 200 बिस्तरों तक अपग्रेड करने का कार्य मार्च 2027 तक पूरा किया जाएगा।

हिसार जिले के नारनौंद में 100 बिस्तरीय अस्पताल के ग्राउंड एवं प्रथम तल का कार्य 15 जून 2026 तक पूरा कर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि पूरी परियोजना सितंबर 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। महेंद्रगढ़ जिले में 50 बिस्तरीय अस्पताल को 100 बिस्तरीय अस्पताल में विस्तारित करने की परियोजना की भी समीक्षा की गई तथा लंबित वित्तीय स्वीकृतियों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया।

पलवल जिले में सीएचसी हसनपुर और मंडकोला परियोजनाओं की नई समय-सीमा तय की गई है। वहीं रेवाड़ी जिले में पीएचसी अकेड़ा परियोजना में लागत वृद्धि और ठेकेदारों के विरुद्ध की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है।

सरकार ने एक बड़े सुधारात्मक कदम के तहत सभी नई स्वास्थ्य परियोजनाओं में क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (QAA) और लोक निर्माण विभाग के माध्यम से थर्ड पार्टी क्वालिटी जांच व्यवस्था लागू की है। अब स्वतंत्र ऑडिट और नियमित रिपोर्टिंग के माध्यम से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

स्वास्थ्य परियोजनाओं की बेहतर निगरानी और समन्वय के लिए सरकार ने एक समर्पित नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है।

बैठक में जिला अस्पतालों में मरीजों की सुविधाओं और सेवा गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष जोर दिया गया। सभी सीएमओ और पीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक 15 दिन में पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर राज्य मुख्यालय को रिपोर्ट भेजें।

अस्पताल परिसरों की स्वच्छता, कार्यशील शौचालय, निर्बाध पेयजल आपूर्ति, एयर कंडीशनिंग सिस्टम तथा डीजी पावर बैकअप जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता वाले सुधार क्षेत्रों में शामिल किया गया है। अस्पतालों में बार-बार महंगे बाथरूम फिटिंग चोरी होने की घटनाओं को देखते हुए सार्वजनिक क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले प्लास्टिक टैप लगाने का निर्णय लिया गया है।

करनाल जिले में लंबित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई तथा देरी के कारणों और सुधारात्मक कदमों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई। जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, वहां आवासीय क्वार्टरों के लिए अनुमान शीघ्र स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए हैं।

नारनौल नागरिक अस्पताल को 100 से 200 बिस्तरों तक अपग्रेड करने की परियोजना में ठेकेदार विवादों के कारण रुके कार्यों पर भी सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। अधिकारियों को 15 से 20 दिनों के भीतर परिसर में पड़ी ठेकेदार की मशीनरी एवं सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

हरियाणा के दीर्घकालिक स्वास्थ्य विजन के तहत डॉ. सुमिता मिश्रा ने अस्पताल नियोजन, सिविल इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं के डिजाइन में विशेषज्ञ निजी सलाहकारों को आगामी परियोजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए हैं, विशेषकर प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य मिशन के तहत बनने वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के लिए। इससे आधुनिक, तकनीक आधारित और मरीजों के अनुकूल स्वास्थ्य संस्थान विकसित किए जा सकेंगे।

इसके अतिरिक्त जिला अस्पताल परिसरों में हरियाली बढ़ाने और गर्मी कम करने के उद्देश्य से बागवानी एवं ग्रीन लैंडस्केपिंग कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के 10 जिला अस्पतालों में लंबित नवीनीकरण कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने को कहा गया है।

सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) परियोजनाओं को भी तेज गति से आगे बढ़ा रही है। पंचकूला में लंबित कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूरा कर भवन हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि पानीपत स्थित नवनिर्मित एमसीएच भवन को एक माह के भीतर पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपने को कहा गया है।

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