उदयपुर में सचिन पायलट का बड़ा हमला, बोले- अफसरों के भरोसे चल रही राजस्थान सरकार
Udaipur Times: Political News: 15 जुलाई 2026। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने उदयपुर दौरे के दौरान राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार जनप्रतिनिधियों की बजाय अधिकारियों के भरोसे चल रही है। भाजपा के मंत्री, सांसद और विधायक अपनी ही सरकार में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
जिंक स्मेल्टर देबारी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पायलट ने कहा, "राजस्थान में सरकार अफसरों के भरोसे चल रही है। भाजपा अपने ही पैर पीट रही है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही।"
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा परिणामों में गड़बड़ियों ने लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा, "छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा और पारदर्शी परिणाम चाहिए, लेकिन लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं।"
सचिन पायलट ने कानून व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्कूलों की छतें गिरने से बच्चों की मौत हो रही है और हाईकोर्ट को सरकार को बार-बार फटकार लगानी पड़ रही है, लेकिन जवाबदेही तय नहीं हो रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क हादसों, अपराध और दुष्कर्म की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
पायलट ने पंचायत, निकाय और छात्रसंघ चुनाव समय पर नहीं कराने को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार समय पर चुनाव होना अनिवार्य है, लेकिन सरकार जनता के गुस्से के डर से चुनाव टाल रही है।
केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए पायलट ने कहा कि 12 साल के शासन के बाद सत्ता में अहंकार आ गया है। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि असली जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हो रही और केवल लीपापोती की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के "ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा" नारे पर भी सवाल उठाए।
परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि संसद में बिना निर्धारित प्रक्रिया के विधेयक लाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि पहले जनगणना, फिर परिसीमन आयोग और उसकी सिफारिशों के बाद ही आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।
ईंधन नीति पर बोलते हुए पायलट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एथेनॉल संबंधी फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता पर विकल्प थोपे नहीं जाने चाहिए, बल्कि लोगों को अपनी पसंद का विकल्प मिलना चाहिए।
पायलट ने दावा किया कि किसान खुश नहीं हैं, युवा परेशान हैं और जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है और पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है।
इस दौरान उदयपुर देहात कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़, मावली विधायक पुष्करलाल डांगी, पूर्व मंत्री डॉ. मांगीलाल गरासिया, कांग्रेस नेता पंकज शर्मा सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
