₹3 लाख से संजना ने खड़ा किया कारोबार ! व्हाट्सएप से जोड़े ग्राहक, अब बनी 20 करोड़ रुपये की कंपनी की मालिक
Udaipur Times, Success Story : अगर किसी बिजनेस की शुरुआत महज 3 लाख रुपये से हो और कुछ ही वर्षों में वही कारोबार 20 करोड़ रुपये के रेवेन्यू तक पहुंच जाए, तो यह कहानी निश्चित रूप से प्रेरणादायक है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की रहने वाली संजना त्रिपुरमल्लू ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID), अहमदाबाद से पढ़ाई करने वाली संजना ने 2021 में अपने बेडरूम से कॉस्मॉस डायमंड्स (Cosmos Diamonds) की शुरुआत की थी।
आज बेंगलुरु स्थित यह स्टार्टअप लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी बेचता है और वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 20 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया। कंपनी की खास पहचान इसकी पारदर्शिता और 100% बायबैक पॉलिसी है। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचना संजना के लिए आसान नहीं था। शुरुआत में उन्हें ग्राहकों के साथ-साथ कारीगरों के संदेह और सामाजिक पूर्वाग्रहों का भी सामना करना पड़ा।
NID अहमदाबाद से पढ़ाई, Samsung से शुरू किया करियर
संजना त्रिपुरमल्लू ने NID अहमदाबाद से पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने करियर की शुरुआत Samsung से की थी। 2020 में अपनी सगाई के लिए वह एक ऐसी अंगूठी चाहती थीं, जिसमें उन्हें मनपसंद नीले-हरे रंग का हीरा मिल सके।
इसी तलाश के दौरान उन्होंने पारंपरिक डायमंड मार्केट को करीब से समझना शुरू किया। उन्हें हीरों की कीमतों में बड़ा अंतर और बाजार में मौजूद कई तरह की अनिश्चितताओं का पता चला। इसके बाद उन्होंने इस क्षेत्र को लेकर गहराई से रिसर्च की। रिसर्च के दौरान संजना को खनन किए गए हीरों से जुड़े अवैध व्यापार और उनसे संबंधित पर्यावरणीय चिंताओं के बारे में जानकारी मिली। इसी दौरान उन्हें लैब-ग्रोन डायमंड तकनीक के बारे में पता चला।
अपनी सगाई की अंगूठी से आया बिजनेस आइडिया
लैब में तैयार होने वाले डायमंड्स ने संजना का ध्यान खींचा। उन्होंने गुजरात के मैन्युफैक्चरर्स से संपर्क किया और अपनी पसंद के मुताबिक सगाई की अंगूठी तैयार करवाई।
इसके बाद उनके दोस्तों और परिचितों ने भी ऐसी ही ज्वेलरी में रुचि दिखानी शुरू कर दी। बढ़ती मांग को देखकर संजना को लगा कि इस आइडिया को बिजनेस में बदला जा सकता है।
यहीं से Cosmos Diamonds की नींव रखने का विचार आया। साल 2021 में उन्होंने सिर्फ 3 लाख रुपये की शुरुआती पूंजी के साथ इस कारोबार की शुरुआत की।
बेडरूम से शुरू हुआ कारोबार, WhatsApp बना पहला जरिया
संजना ने शुरुआत में किसी बड़े ऑफिस या बड़े स्टोर से कारोबार शुरू नहीं किया। उन्होंने अपने बेडरूम से काम शुरू किया और ग्राहकों तक पहुंचने के लिए WhatsApp का इस्तेमाल किया। उन्होंने WhatsApp ग्रुप के जरिए संभावित ग्राहकों को जोड़ना शुरू किया। उस समय भारत में लैब-ग्रोन डायमंड्स को लेकर लोगों के बीच काफी भ्रम था। कई ग्राहक इन्हें असली हीरे के बजाय ‘नकली डायमंड’ समझते थे।
यही वजह थी कि संजना को सिर्फ ज्वेलरी बेचने के बजाय ग्राहकों को इस तकनीक के बारे में समझाना भी पड़ा।
‘कारीगर कहते थे यह असली हीरा नहीं है’
संजना की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक ज्वेलरी कारीगरों का भरोसा जीतना था। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में कारीगर लैब-ग्रोन डायमंड पर काम करने से भी हिचकिचाते थे।
उनके मुताबिक, कारीगर कहते थे कि यह असली हीरा नहीं है और वे इस पर काम नहीं करेंगे। इतना ही नहीं, उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर भी गंभीरता से नहीं लिया जाता था। कई बार उनसे अकेले आने के बजाय अपने पिता को साथ लाने के लिए कहा जाता था।
इन परिस्थितियों के बावजूद संजना ने कारोबार बंद करने के बजाय लोगों की गलतफहमियां दूर करने पर ध्यान दिया।
YouTube वीडियो से लोगों को समझाए लैब-ग्रोन डायमंड
लैब-ग्रोन डायमंड्स को लेकर मौजूद भ्रम को दूर करने के लिए संजना ने YouTube पर वीडियो बनाना शुरू किया। इन वीडियो में वह ग्राहकों को लैब-ग्रोन डायमंड की तकनीक और उसकी खासियतों के बारे में जानकारी देती थीं।
धीरे-धीरे उनके वीडियो लोगों तक पहुंचने लगे और उन्हें ऑनलाइन पहचान मिलने लगी। इससे कारोबार को नए ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिली।
यानी संजना ने मार्केटिंग के लिए बड़े बजट के बजाय कंटेंट और ग्राहक जागरूकता को अपना हथियार बनाया।
2023 में खोला पहला फिजिकल स्टोर
ऑनलाइन और WhatsApp के जरिए ग्राहक बनाने के बाद संजना ने साल 2023 में विजयवाड़ा में अपना पहला फिजिकल स्टोर खोला। बताया जाता है कि स्टोर ने शुरुआत के पहले ही महीने से मुनाफा देना शुरू कर दिया। इससे बिजनेस मॉडल को और मजबूती मिली और कंपनी ने ऑफलाइन विस्तार की दिशा में भी कदम बढ़ाया।
इसके बाद Cosmos Diamonds ने ऑनलाइन बिक्री के साथ फिजिकल स्टोर और एक्सपीरियंस सेंटर के जरिए ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाई।
वित्त वर्ष 2025-26 में 20 करोड़ रुपये का रेवेन्यू
संजना की कंपनी अब शुरुआती छोटे कारोबार से काफी आगे निकल चुकी है। वित्त वर्ष 2025-26 में Cosmos Diamonds ने 20 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया।
कंपनी की कुल बिक्री में ऑनलाइन माध्यम की हिस्सेदारी करीब 35 फीसदी रही। यह आंकड़ा बताता है कि जिस WhatsApp और डिजिटल माध्यम से संजना ने शुरुआत की थी, वह आज भी उनके बिजनेस मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
16.16 कैरेट का डायमंड अंतरिक्ष तक पहुंचा
Cosmos Diamonds के सफर में जुलाई 2026 एक बेहद खास महीना रहा। कंपनी के अनुसार, वह Skyroot Aerospace के Vikram-1 रॉकेट मिशन का हिस्सा बनी। इस मिशन में कंपनी द्वारा तैयार किया गया 16.16 कैरेट का कमल के फूल के आकार का लैब-ग्रोन डायमंड अंतरिक्ष में भेजा गया।
कंपनी के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि इससे लैब-ग्रोन डायमंड की मजबूती और टिकाऊपन को लेकर चर्चा को एक नया आयाम मिला। इस प्रयोग के जरिए कंपनी ने अपने उत्पाद की मजबूती को लेकर बाजार में मौजूद सवालों का जवाब देने की कोशिश की।
5 हजार से 30 लाख रुपये तक की ज्वेलरी
आज Cosmos Diamonds में करीब 5,000 रुपये से लेकर 30 लाख रुपये तक की IGI-सर्टिफाइड ज्वेलरी उपलब्ध है। कंपनी के डिजाइन पारंपरिक भारतीय विरासत से प्रेरित हैं, लेकिन उन्हें आधुनिक ग्राहकों की पसंद के अनुरूप पेश किया जाता है।
कंपनी के पास फिलहाल करीब 25 लोगों की टीम है और चार डेडिकेटेड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के साथ कारोबार किया जा रहा है। बेंगलुरु में कंपनी का एक्सपीरियंस स्टोर भी मौजूद है।
100% Buyback Policy बनी कंपनी की खास पहचान
Cosmos Diamonds की सबसे बड़ी USP में इसकी 100% Buyback Policy शामिल है। कंपनी ग्राहकों को पुराने गहने बदलकर नए गहने लेने का विकल्प देती है।
डायमंड ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहक अक्सर रीसेल वैल्यू और भविष्य में एक्सचेंज को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे में कंपनी की बायबैक पॉलिसी को ग्राहक भरोसा बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा सकता है।
अब हैदराबाद में विस्तार की तैयारी
विजयवाड़ा से शुरू हुआ यह कारोबार अब आगे विस्तार की तैयारी कर रहा है। कंपनी हैदराबाद में नया स्टोर खोलने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा Cosmos Diamonds भारतीय पारंपरिक शैलियों को आधुनिक डिजाइन के साथ पेश करने वाले तीन नए कलेक्शन लॉन्च करने की तैयारी में भी जुटी है।
3 लाख से 20 करोड़ तक का सफर क्यों खास है?
संजना त्रिपुरमल्लू की कहानी सिर्फ एक ज्वेलरी स्टार्टअप की सफलता की कहानी नहीं है। इसकी खास बात यह है कि उन्होंने ऐसे समय में लैब-ग्रोन डायमंड का कारोबार शुरू किया, जब बाजार में इसे लेकर लोगों के बीच काफी भ्रम और संदेह था। 3 लाख रुपये की शुरुआती पूंजी, बेडरूम से शुरुआत, WhatsApp के जरिए ग्राहक जोड़ना और YouTube के माध्यम से जागरूकता फैलाना इन छोटे कदमों ने धीरे-धीरे एक बड़े कारोबार का रूप ले लिया।
आज 20 करोड़ रुपये के रेवेन्यू तक पहुंच चुकी Cosmos Diamonds की कहानी यह दिखाती है कि सही प्रोडक्ट, ग्राहक का भरोसा और लगातार प्रयास के साथ छोटा-सा आइडिया भी बड़े बिजनेस में बदल सकता है।