Sarpanch Suspend : हरियाणा में इस गांव के सरपंच को DC ने किया सस्पेंड, जाने वजह ?

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Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा के भिवानी जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। भिवानी के बहल खंड के गांव सुरपुरा कला के निर्वाचित सरपंच राजेश कुमार को जिला उपायुक्त भिवानी द्वारा पदमुक्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनकी शैक्षणिक योग्यता संबंधी दस्तावेजों की जांच में प्रमाण पत्र अमान्य पाए जाने के बाद की गई।

पिछले पंचायत चुनाव में निर्वाचित हुए सुरपुरा कला गांव के सरपंच राजेश कुमार को जिला उपायुक्त भिवानी ने उनकी शैक्षणिक दस्तावेजों की वैधता पर संदेह के कारण पदमुक्त कर दिया है। इससे पहले सरपंच की योग्यता को लेकर गांव में चुनाव नामांकन के समय दिए गए थे, लेकिन जांच नहीं हुई। उपायुक्त ने आदेश दिए हैं कि ग्राम पंचायत की चल अचल संपत्ति बहुमत वाले पंच को दी जाए। Haryana News

बहल खंड के सुरपुरा गांव के सरपंच पद के लिए राजेश कुमार निर्वाचित हुए थे। उन्होंने अपनी निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के लिए उन्होंने नामांकन के माध्यम से विद्यालय संस्थान, उत्तरप्रदेश, नोएडा द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। पर, चुनावों के बाद सुरपुरा कला के ही सुरेश कुमार ने उनकी शैक्षणिक योग्यता की वैधता पर सवाल उठाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया और सरपंच द्वारा प्रस्तुत शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेजों की जांच की अपील की। अदालत के आदेश पर उपायुक्त भिवानी ने दोनों पक्षों की सुनवाई की और सरपंच द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रमाण पत्र की वैधता और संस्थान की स्थिति की जांच की। Haryana News

पंचायती राज संस्थाओं के वर्ष 2022 के आम चुनावों में बहल खंड के सुरपुरा गांव के सरपंच पद के लिए राजेश कुमार निर्वाचित हुए थे। उन्होंने अपनी निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के लिए उन्होंने नामांकन के माध्यम से विद्यालय संस्थान, उत्तरप्रदेश, नोएडा द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। पर, चुनावों के बाद सुरपुरा कला के ही सुरेश कुमार ने उनकी शैक्षणिक योग्यता की वैधता पर सवाल उठाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया और सरपंच द्वारा प्रस्तुत शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेजों की जांच की अपील की। अदालत के आदेश पर उपायुक्त भिवानी ने दोनों पक्षों की सुनवाई की और सरपंच द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रमाण पत्र की वैधता और संस्थान की स्थिति की जांच की। Haryana News

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, दिल्ली, सचिव राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नोएडा सहित अन्य बोर्डों को जानकारी के लिए पत्र भेजा। जिसमें हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी ने स्पष्ट कहा कि यह प्रमाण पत्र हरियाणा बोर्ड की दर्शायी गई सहमति की किसी भी कक्षा के समकक्ष नहीं माना जबकि सीबीएसई बोर्ड द्वारा कहा गया कि फर्म विद्यालय संस्थान, यूपी, नोएडा सीबीएसई बोर्ड से संबंध नहीं है। वहीं, सचिव उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने भी उक्त विद्यालय संस्थान की किसी प्रकार की संबद्धता से इंकार कर दिया। Haryana News

बोर्डों से मिली रिपोर्ट के अनुसार, उपायुक्त भिवानी ने हरियाणा पंचायत राज अधिनियम 1994 की धारा 175 (बी) के तहत शैक्षणिक योग्यता न रखने पर अधिनियम की धारा 51(3)(ख) के तहत सरपंच को नोटिस जारी किया गया। उपायुक्त भिवानी द्वारा 5 मई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उपायुक्त द्वारा जारी पत्र के अनुसार, नोटिस के जवाब में सरपंच द्वारा अपनी वैधता लेकर अपने बचाव में लिखित या मौखिक कोई जवाब पेश नहीं किया गया। इस पर उपायुक्त ने सरपंच राजेश कुमार को सरपंच पद के लिए अयोग्य घोषित करते हुए पदमुक्त करने का आदेश जारी किया। उपायुक्त के आदेश की किसी भी न्यायालय में समकक्ष नहीं माना जबकि सीबीएसई बोर्ड द्वारा कहा गया कि फर्म विद्यालय संस्थान, यूपी, नोएडा सीबीएसई बोर्ड से संबंध नहीं है। वहीं, सचिव उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने भी उक्त विद्यालय संस्थान की किसी प्रकार की संबद्धता से इंकार कर दिया। Haryana News

शिकायतकर्ता ने बताया

शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्होंने पंचायत चुनाव के बाद शैक्षणिक प्रमाण पत्र की वैधता को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उनका कहना है कि सत्य की जीत हुई है और पंचायत चुनावों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण साबित होगा। Haryana News

BDPO ने कहा

BDPO बहल नवीन कुमार ने बताया कि जिला उपायुक्त के आदेशानुसार ग्राम सचिव की निगरानी में कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पंचायत की चल संपत्ति बहुमत वाले पंच को सौंपने की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी की जाएगी।
 

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