अजा आयोग उपाध्यक्ष ने उदयपुर में की प्रकरणों की सुनवाई, जनसमस्याएं सुनी
राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष विकेश खोलिया ने अनुसूचित जाति वर्ग की कल्याण योजनाओं का पूरा-पूरा लाभ जरूरतमन्दों तक पहुंचाने और इनसे संबधित गतिविधियों के प्रति गंभीरता बरतने के
राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष विकेश खोलिया ने अनुसूचित जाति वर्ग की कल्याण योजनाओं का पूरा-पूरा लाभ जरूरतमन्दों तक पहुंचाने और इनसे संबधित गतिविधियों के प्रति गंभीरता बरतने के निर्देश दिए हैं।
अजा आयोग उपाध्यक्ष खोलिया ने बुधवार को उदयपुर जिला कलक्ट्री सभाकक्ष में जनसुनवाई एवं अधिकारियों की बैठक के दौरान यह निर्देश दिए।
बैठक में जिला प्रमुख शांतिलाल मेघवाल, जिला कलक्टर रोहित गुप्ता, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अविचल चतुर्वेदी, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी. बुनकर, आयोग उपाध्यक्ष के निजी सचिव आर.एल. अटल, पुलिस उपाधीक्षक गोपालसिंह, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक गिरीश भटनागर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण एवं समस्याओं के निराकरण के लिए आए परिवादीगण उपस्थित थे।
सुनवाई के दौरान आयोग में उदयपुर जिले से संबंधित पंजीकृत 14 प्रकरणों की सुनवाई की गई और इनके बारे में संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं निर्णायक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। आयोग उपाध्यक्ष ने जनसुनवाई के दौरान उदयपुर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए अनुसूचित जाति के लोगों की समस्याओं से सुना, उनके प्रार्थना पत्रों के बारे में संबंधित अधिकारियों से चर्चा की और इनसे संबंिधत कार्यवाही के बारे में विभागों से जानकारी ली।
इस दौरान बीपीएल परिवार को निःशुल्क आवास आवंटन, भूमि विवाद, स्थानान्तरण, पारिवारिक विवाद, मुआवजा, सड़क, छात्रावृत्ति भुगतान, पुलिस जांच आदि विभिन्न प्रकरणों पर सुनवाई की गई।
अजा आयोग उपाध्यक्ष ने अनुसूचित जाति के कल्याण से संबंधित तमाम योजनाओं एवं गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए इनके बारे में लोगों में जागृति पैदा करने और प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
अजा आयोग उपाध्यक्ष विकेश खोलिया ने अनुसूचित जाति उत्थान की तमाम योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों तक पहुंचाने की पहल करने का अधिकारियों से आह्वान किया और कहा कि अनुसूचित जाति के लिए स्वीकृत धनराशि का समय पर पूरा-पूरा सदुपयोग कर अजा कल्याण के लक्ष्यों को हासिल करने के प्रति गंभीरता बरतें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे आयोग से प्राप्त पत्रों एवं जांच कार्य को गंभीरता से लेने एवं समय-समय पर इससे संबंधित कार्यवाही की जानकारी आयोग को भिजवाने, अजा अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित मुकदमों की समीक्षा करते हुए इनसे संबंधित कार्यवाही को तेजी देने, विभिन्न प्रकार की भर्तियों में अनुसूचित जाति के लिए निर्धारित अनुपात का ध्यान में रखते हुए पर्याप्त अवसर मुहैया कराने, सामाजिक सरोकारों एवं छात्रवृत्ति योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने, अनुसूचित जाति विद्यार्थियों के छात्रावासी सुविधाएं देने व प्रबन्धन सुधार, अजा क्षेत्रों में गंदगी दूर करने, अजा बस्तियों में बिजली, पानी आदि सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने आदि के बारे में निर्देश दिए।
खोलिया ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से अजा कल्याण गतिविधियों के लक्ष्यों एवं उपलब्धियों, स्वीकृत एवं व्यय राशि आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने उदयपुर जिले में अनुुसूचित जाति वर्ग के उत्थान के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में अवगत कराया।
