विज्ञान समिति के सदस्यों ने जानी जिंक स्मेल्टर की प्रक्रिया
विज्ञान समिति उदयपुर के 24 सदस्यों के दल ने चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर की उत्पादन प्रक्रिया एवं सामाजिक कार्यो के साथ साथ जिंक संयत्र में किये गये स्वच्छता, पर्यावरण सरंक्षण की प्रशंसा की। इस दल में 5 महिला सदस्यों सहित रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स, इंजिनियर्स एवं वैज्ञानिक शामिल थे।

विज्ञान समिति उदयपुर के 24 सदस्यों के दल ने चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर की उत्पादन प्रक्रिया एवं सामाजिक कार्यो के साथ साथ जिंक संयत्र में किये गये स्वच्छता, पर्यावरण सरंक्षण की प्रशंसा की। इस दल में 5 महिला सदस्यों सहित रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स, इंजिनियर्स एवं वैज्ञानिक शामिल थे।
इस दल के सदस्यों ने चंदेरिया लेड जिंक स्मेटर में उत्पादन प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। शीर्ष प्रबंधन द्वारा उन्हें स्मेल्टर में वर्ल्ड की बेस्ट प्रेक्टिस के जरिये उत्पादन की कार्य प्रणाली, पावर प्लांट, पर्यावरण, सुरक्षा एवं कर्मचारियों को दी जा रही सुविधा के बारे में अवगत कराया।
संयंत्र के भ्रमण के बाद इस दल ने पुठोली गांव का भ्रमण कर वहां संचालित सखी सिलाई सेंटर एवं सखी समूहों की मिटिंग में महिलाओं से बातचीत कर उन्हें जिंक द्वारा मिल रहे प्रशिक्षण की जानकारी ली, इस मौके पर शिक्षा संबंल, समाधान एवं खुशी परियोजना की स्टाॅल लगा कर इन परियोजनाओं के बारे में रूबरू कराया गया। दल ने प्लांट परिसर एवं सीएसआर गतिविधियों के बारें में उत्सुकता से प्रश्न पुछे एवं जिज्ञासा जतायी।
विज्ञाान समिति के अध्यक्ष एलएल धाकड ने कहा कि यहा आकर हमें जिंक के उत्पादन के साथ साथ सुरक्षा एवं कार्यप्रणाली के हर पहलु को जानने और देखने का अवसर मिला जो कि अभूतपूर्व है। विज्ञान समिति के सदस्य मुनीश गोयल ने प्रशंसा करते हुए चंदेरिया स्मेल्टिंग के कुशल संचालन के बारे में कहा कि हिन्दुस्तान जिंक ने जितना हमें संयंत्र दिखाने में रूचि दिखायी उससे अधिक हमें इसे देखने में थी और देख कर उससे भी अधिक संतुष्टि मिली।
दल के भ्रमण के दौरान सह उपाध्यक्ष विनोद वाघ, ईकाई प्रमुख कमोद सिंह, मानस त्यागी, सी चंद्रु, एचआर हेड अनागत आशीष, सहप्रबंधक प्रशासन कर्नल हरिभगवान, सीएअसआर अधिकारी विशाल अग्रवाल ने दल को जानकारी प्रदान की।
