SDM Anupreet Kaur Arrest: राजस्थान, जम्मू हाईवे के जमीन अधिग्रहण में करोड़ों का घोटाला, SDM अनुप्रीत कौर रंधावा गिरफ्तार
SDM Anupreet Kaur Arrest: पंजाब के गुरदासपुर में तैनात PCS अधिकारी और SDM अनुप्रीत कौर रंधावा को तरनतारन पुलिस ने शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने सुबह करीब 7 बजे गुरदासपुर स्थित सरकारी आवास पर छापेमारी कर उन्हें हिरासत में लिया। गिरफ्तारी 1.63 करोड़ रुपये के कथित गबन मामले में हुई है, जो राजस्थान-जम्मू कश्मीर नेशनल हाईवे-54 के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में लंबे समय से जांच चल रही थी और अब कार्रवाई की गई है।
मामला उस समय का है जब अनुप्रीत कौर तरनतारन जिले के पट्टी सब-डिवीजन में SDM के पद पर तैनात थीं। आरोप है कि नेशनल हाईवे-54 के निर्माण के दौरान भूमि अधिग्रहण मुआवजे की राशि ऐसे लोगों के खातों में ट्रांसफर की गई, जिनके नाम जमीन रिकॉर्ड में शामिल नहीं थे। जांच में सामने आया कि सरकार की ओर से जारी 1 करोड़ 63 लाख रुपये की राशि पांच अपात्र व्यक्तियों के बैंक खातों में भेजी गई। आरोप है कि बिना माल विभाग के रिकॉर्ड की सही जांच किए भुगतान जारी किया गया, जिससे सरकारी धन का गबन हुआ।
2018 में पूर्व SDM ने दर्ज कराई थी शिकायत
जानकारी के अनुसार पट्टी के तत्कालीन SDM नवराज सिंह बराड़ ने 5 सितंबर 2018 को तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल को इस मामले की शिकायत भेजी थी। शिकायत में कहा गया था कि 9 जनवरी 2018 से 11 फरवरी 2019 के बीच भूमि अधिग्रहण मुआवजे की राशि गलत तरीके से ट्रांसफर की गई। इसके बाद जांच शुरू हुई और 5 सितंबर 2019 को थाना सिटी पट्टी में IPC की धारा 419, 420, 409 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में जसबीर कौर, राजविंदर कौर, सरताज सिंह, बिक्रमजीत सिंह और गुरजीत कौर के खातों में रकम ट्रांसफर होने की बात सामने आई थी।
रिकॉर्ड में नहीं मिले लाभार्थियों के नाम
एफआईआर के अनुसार जांच में पाया गया कि जिन पांच लोगों को मुआवजा राशि दी गई, उनकी जमीन नेशनल हाईवे-54 के लिए अधिग्रहित ही नहीं की गई थी। माल विभाग के रिकॉर्ड में भी इन लोगों का कोई आधिकारिक विवरण नहीं मिला।
केंद्र सरकार ने 5 जुलाई 2013 को जारी गजट नोटिफिकेशन में पट्टी सब-डिवीजन के छह गांवों—ततला, हरिके, नत्थूपुर, बूह, मरहाना और जौनेके—की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल की थी। जांच एजेंसियों को इन पांच लोगों के नाम उस नोटिफिकेशन में नहीं मिले।
हस्ताक्षर के बाद जारी हुई थी राशि
जांच रिपोर्ट में कहा गया कि तत्कालीन SDM अनुप्रीत कौर के हस्ताक्षर के बाद ही संबंधित भुगतान जारी किए गए थे। अधिकारियों ने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला माना। इसके बाद डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी बनाई गई थी। कमेटी की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी गई, जिसके आधार पर तत्कालीन मुख्य सचिव करण अवतार सिंह ने अनुप्रीत कौर को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए थे। लंबे समय तक उन्हें फील्ड पोस्टिंग से दूर रखा गया, लेकिन हाल ही में गुरदासपुर में SDM के तौर पर उनकी नियुक्ति हुई थी।
अनुप्रीत कौर रंधावा का निजी जीवन भी पहले विवादों में रह चुका है। उन्होंने अपने पूर्व हॉकी खिलाड़ी पति के खिलाफ घरेलू हिंसा और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। उस मामले में उनके पति की गिरफ्तारी भी हुई थी। हालांकि मौजूदा गिरफ्तारी पूरी तरह जमीन अधिग्रहण और कथित गबन मामले से जुड़ी हुई है। तरनतारन पुलिस ने अभी तक आधिकारिक प्रेस बयान जारी नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
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