अफसर परिवार की बेटी बनी SDM, जाने गोल्ड मेडल लाने वाली अंकिता की कहानी
Udaipur Times, Ankita Kumari's Success Story : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली अंकिता की कहानी मेहनत, लगन और पारिवारिक प्रेरणा का स्त्रोत बनकर उभरी हैं। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहीं अंकिता ने तीन बार लगातार UGC-NET परीक्षा पास की और आखिरकार अपने प्रशासनिक सेवा के सपने को भी साकार कर लिया।
ननिहाल से मिली प्रशासनिक सेवा की प्रेरणा
अंकिता की मां किरण देवी का निधन हो चुका है। उनके नाना स्वर्गीय बिंदेश्वरी राय पौधा संरक्षण अधिकारी (Plant Protection Officer) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वहीं उनके मामा राजन कुमार वर्तमान में छपरा जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं।
अंकिता का कहना है कि उनकी इस सफलता में माता-पिता, नाना-नानी, मामा-मामी और शिक्षकों के आशीर्वाद व मार्गदर्शन का बड़ा योगदान रहा। परिवार के सहयोग और शिक्षकों की प्रेरणा ने उन्हें हर कठिन परिस्थिति में आगे बढ़ने का हौसला दिया।
तीन बार पास किया UGC-NET
BPSC की तैयारी के साथ-साथ अंकिता ने लगातार तीन बार UGC-NET परीक्षा भी पास की। इसके बावजूद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना नहीं छोड़ा और पूरी मेहनत के साथ BPSC परीक्षा की तैयारी जारी रखी।
पढ़ाई में हमेशा रहीं अव्वल
अंकिता शुरू से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट छात्रा रही हैं। साल 2013 में उन्होंने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, छपरा से मैट्रिक पास की। 2015 में राजेंद्र कॉलेज, छपरा से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए पटना गईं और पटना विमेंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला। आगे उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (Master's) किया, जहां उन्हें सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। अंकिता की सफलता इस बात का प्रमाण है कि लगातार मेहनत, मजबूत शैक्षणिक आधार और परिवार का सहयोग किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
