LEO से किसान की बेटी बनी SDM, कड़ी मेहनत से दो बार क्रैक किया BPSC एग्जाम
Udaipur Times, BPSC Success Story Smriti Bhardwaj : बिहार के समस्तीपुर की रहने वाली स्मृति भारद्वाज ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता की नई कहानी लिख दी है। एक साधारण किसान परिवार से आने वाली स्मृति ने बिना किसी महंगी कोचिंग के सहारे घर पर रहकर पढ़ाई की और लगातार दो बार बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा पास कर मिसाल कायम कर दी।
किसान परिवार से निकलकर बनीं अफसर
स्मृति भारद्वाज ने साल 2022 में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय इंग्लिश लिटरेचर से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला किया और पूरी मेहनत के साथ तैयारी शुरू कर दी।

पहले प्रयास में मिली असफलता
सिविल सेवा की तैयारी के दौरान स्मृति को पहले प्रयास में असफलता का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी की रणनीति में बदलाव करते हुए फिर से परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।
पहले बनीं लेबर एन्फोर्समेंट ऑफिसर
कड़ी मेहनत के दम पर स्मृति ने 69वीं बीपीएससी परीक्षा पास की और लेबर एन्फोर्समेंट ऑफिसर (LEO) के पद पर चयनित हुईं। लेकिन उनका लक्ष्य इससे भी बड़ा था।

70वीं BPSC में हासिल की 160वीं रैंक
LEO बनने के बाद भी स्मृति ने अपनी तैयारी जारी रखी और अगले ही प्रयास में 70वीं बीपीएससी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 160वीं रैंक हासिल की। इस सफलता के साथ उनका चयन सीधे उपजिलाधिकारी (SDM) के पद के लिए हो गया।
युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
स्मृति भारद्वाज की सफलता उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि सफलता पाने के लिए महंगी कोचिंग नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, सही रणनीति और लगातार मेहनत की जरूरत होती है।
