त्रिदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कहानी महोत्सव ‘उदयपुर टेल्स’ का दूसरा दिन

तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कहानी महोत्सव उदयपुर टेल्स 30 नवम्बर से शिल्पग्राम के समीप स्थित पार्क एक्सजोटिका में दूसरे दिन विभिन्न स्कूलों से आए छोटे-छोटे बच्चों युवाओं ने कहानियों की वास्तविकता को जीवन में उतार कर उसे प्रेरणा लेने का प्रयास किया। देश-विदेश के ख्यातनाम कहानीकारों ने भी अपनी कहानियों से वहां उपस्थित को श्रोताओं को सोचने विचारने पर मजबूर कर दिया। आज शाम को बाॅलीवुड कलाकार भाग्यश्री ने आयोजन में भाग लेकर उससे प्रेरणा लेने की बात कही। इस अवसर पर उन्होेंने एक पुस्तक का भी विमोचन किया।

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त्रिदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कहानी महोत्सव ‘उदयपुर टेल्स’ का दूसरा दिन

तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कहानी महोत्सव उदयपुर टेल्स 30 नवम्बर से शिल्पग्राम के समीप स्थित पार्क एक्सजोटिका में दूसरे दिन विभिन्न स्कूलों से आए छोटे-छोटे बच्चों युवाओं ने कहानियों की वास्तविकता को जीवन में उतार कर उसे प्रेरणा लेने का प्रयास किया। देश-विदेश के ख्यातनाम कहानीकारों ने भी अपनी कहानियों से वहां उपस्थित को श्रोताओं को सोचने विचारने पर मजबूर कर दिया। आज शाम को बाॅलीवुड कलाकार भाग्यश्री ने आयोजन में भाग लेकर उससे प्रेरणा लेने की बात कही। इस अवसर पर उन्होेंने एक पुस्तक का भी विमोचन किया।

शनिवार के मुख्य कहानीकारों में भूटान से आई शेरिंग पेलडन ने अपनी कहानी ’इ पम्पकिन देट मेरिड ए प्रिन्सेस’ में बच्चों की कहानी सुनाते हुए बताया कि कोई निर्जीव भी किसी राजकुमारी के साथ कैसे प्यार कर सकता है यह बच्चों को लेकर एक लव स्टोरी थी लेकिन इसका पात्र एक निर्जीव था इस कहानी ने खूब तालियां बटोरी। इसके अलावा एक अन्य कहानी मेरे चांद भैया नामक सुना कर भाई बहन के पवित्र रिश्ते के महत्व को बताया बताया।

जीवा रघुनाथ ने ’फाॅक टेलस फ्राम इंउियन फाॅक लोरे’ की पुरानी कहानियां सुनाकर वहां पर रोमांच पैदा किया साथ ही उन्होंने छोटे छोटे किस्से सुनाकर भी कई बड़े संदेश देने का प्रयास किया। सीमा चक्रवर्ती ने ’लेट इट बी ए सरप्राईज अबाउट़ एनोरमस एनिमल देट एवरी किड लव्स’ में एक हाथी की कहानी सुनाकर कहा कि हाथी से डरते सभी है लेकिन जितने उससे डरते हैं उससे कहीं ज्यादा हम उससे प्यार करते हैं। हाथी में अपार शक्ति होती है लेकिन अगर उस शक्ति से प्यार किया जाए तो वह शक्ति अपने को नुकसान देने के बजाय अपने लिए लाभकारी भी हो सकती है।

त्रिदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कहानी महोत्सव ‘उदयपुर टेल्स’ का दूसरा दिन

भारती दीक्षित ने रीतासिंह द्वारा लिखित कहानी ’रिश्ता’ में अपनी कहानियों के माध्यम से आज के दौर में बदलते रिश्तों के बारे में बताया। उन्होंने कहानी के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया कि हम चाहे कितने ही बदल जाए लेकिन रिश्तो में स्थायित्व जरूरी है। जमाने के साथ रिश्तों की अहमियत नहीं बदलनी चाहिए। गौतम मुखर्जी’हल्दीघाटी युद्ध’ की कहानी सुनाकर हल्दीघाटी की कहानी सुना कर उस समय की हुई घटनाओं का वास्तविक चित्रण पेश करने का प्रयास किया।

शश्विता शर्मा ने राजिन्दर सिंह बेदी द्वारा लिखित कहानी ’चेचक के दाग’ उदयपुर के जाने-मानें रंगकर्मी विलास जानवे ने ’मेवाड़’ की कहानी सुनाकर उसके शौर्यपूर्ण इतिहास की जानकारी दी। राजेश कुमार ने ’किनारे से किनारे तक’ सैयद साहिल आगा एवं काबूकी खन्ना ने राजस्थान स्टोरी टेलर्स को समर्पित करते हुए संगीतमय दास्तानगोई की प्रस्तुति दी तो सभी रोमांचित हो उठे। विक्की आहूजा ने मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित ’बड़े भाई साहब’ की कहानी सुनाकर उसकी मूल भावना का संदेश दिया। स्टीफान कै ने भारतीय संगीत के साथ जाज फ्यूज़न की प्रस्तुति देकर सभी को आंनदित कर दिया। कार्यक्रम में पधारो एक के प्रतिनिधि ने भी इस एप की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन अनिमा पगारिया ने किया।

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उदयपुर टेल्स के संस्थापक सलिल भण्डारी एवं सह संस्थापक सुश्मिता सिंघा ने बताया कि रविवार को दिव्या दत्ता बतौर अतिथि इस आयोजन में भाग लेगी। बच्चो को स्टोरी टेलिंग कम्पीटीशन के पुरूस्कार वितरीत किये जायेंगे। रात्रि को संजुक्ता सिन्हा एवं ग्रुप द्वारा आकर्षक कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी।

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