राजस्थान के इन 3 ज़िलों में खत्म होगी पानी की कमी: 22 दिन में भरेगा जवाई डैम
- सेई बांध टनल विस्तार से अब गुजरात नहीं जाएगा पानी
- मारवाड़ क्षेत्र को मिलेगा भरपूर जल
- जल निकासी क्षमता होगी 4 गुना
Udaipur, June 15, 2026 | Big Update for Rajasthan: सेई बांध से अतिरिक्त पानी को जवाई बांध तक पहुँचाने के लिए बनी 6.7 किलोमीटर लंबी सुरंग को चैड़ा करने के लिए सरकार ने बजट में कुल 100 करोड़ का प्रावधान किया है। पिछले तीन साल से चल रहे इस कार्य का करीब 95 फीसदी हिस्सा पूरा हो चुका है। यह जानकारी डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को उदयपुर ज़िले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कोटड़ा के दौरे के दौरान बताई दि। इस दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बहुप्रतीक्षित सेई बांध की टनल (सुरंग) की चैड़ाई बढ़ाने के चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। कुमावत ने खुद टनल के भीतर जाकर निर्माण कार्य की प्रगति को देखा और अधिकारियों से अब तक हुए कार्य, बची हुई खुदाई और कंक्रीट लाइनिंग के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली। Rajasthan News

100 करोड़ का बजट, 95 प्रतिशत काम पूरा
कुमावत ने बताया कि अब केवल 90 मीटर टनल का कार्य बाकी है, जिसे आगामी 15 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ किया कि पश्चिमी राजस्थान के जल संकट को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है और निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। साथ ही, उन्होंने टनल के अंदर काम कर रहे श्रमिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने की हिदायत दी। Udaipur News
जल निकासी क्षमता होगी 4 गुना, 22 दिन में भरेगा जवाई बांध
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस टनल का विस्तार होने से पानी की निकासी क्षमता 328 CuSec से बढ़कर 1376 CuSec हो जाएगी। क्षमता 4 गुना बढ़ने से मानसून के दौरान अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहकर गुजरात नहीं जाएगा। इससे पाली, सिरोही और जालोर जिलों को भरपूर पानी मिल सकेगा। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में टनल की चैड़ाई कम होने के कारण सेई बांध से जवाई बांध तक पानी पहुँचने में 45 से 50 दिन का समय लगता है। लेकिन यह कार्य पूरा होने के बाद मात्र 22 दिन में ही जवाई बांध को 74 MCFT पानी मिलने लगेगा, जो इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। Rajasthan Breaking News

मारवाड़ के लिए संजीवनी है यह परियोजना
सेई बांध और इसकी टनल मारवाड़ क्षेत्र, विशेषकर पाली जिले के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है। कोटड़ा के सेई बांध से पानी को इस टनल के जरिए जवाई बांध में डाइवर्ट किया जाता है। जवाई बांध पाली और जोधपुर के कई इलाकों की प्यास बुझाता है। वर्तमान में टनल की क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान सेई बांध का अतिरिक्त पानी बहकर गुजरात चला जाता है। टनल की चैड़ाई बढ़ने से पानी का प्रवाह (डिस्चार्ज क्षमता) तेजी से बढ़ेगा। मानसून का अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहने से बचेगा। जवाई बांध कम समय में और अधिक मात्रा में भरा जा सकेगा। पाली सहित पूरे मारवाड़ क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई संकट का स्थाई समाधान होगा। Udaipur Tribal Belt News
इको-टूरिज्म और सौंदर्यीकरण योजना
कैबिनेट मंत्री श्री कुमावत ने कहा कि अब इस बांध क्षेत्र को इको-टूरिज्म और स्थानीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत बांध की प्राकृतिक सुंदरता का उपयोग कर पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस दौरान किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, अनोप सिंह राठौड़, पूनम सिंह परमार, निम्बेश्वर महादेव ट्रस्ट के अध्यक्ष जगत सिंह, शिवराज सिंह बिठिया, सुमेरपुर नगर मंडल अध्यक्ष रविकांत रावल सहित अनेक लोग मौजूद रहे। Eco Tourism in Rajasthan - Sei Dam Project
