पीआर्इबीएस में हुर्इ संगोष्ठी
दीपावली के मौके पर बाजार में किस तरीके से खरीदारी बढ़ायी जाए, ग्राहकों को किस तरीके से आकर्षित किया जाए – य
दीपावली के मौके पर बाजार में किस तरीके से खरीदारी बढ़ायी जाए, ग्राहकों को किस तरीके से आकर्षित किया जाए – ये सवाल हर दुकानदार के दिमाग में घूमता रहता है, इन सवालों का जवाब ढूंढने के लिए पेसिफिक युनिवर्सिटी के पेसिफिक इंस्टीटयूट आफ बिजनेस स्टडीज कालेज में आज एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
दीपावली को साल में सबसे बड़ा सीजन माना जाता है लेकिन मंहगार्इ की वजह से ग्राहक उतनी खरीदारी नहीं करते जितने की व्यापारियों को उम्मीद होती है। इन्हीं समस्याओं और दीपावली पर विक्रय संवर्धन की स्कीम किस तरह से मार्केट में उतारी जाये इस विषय पर पीआर्इबीएस के विधार्थियों ने संगोष्ठी की।
दीपोत्सव पर इलेक्ट्रोनिक्स और आटोमोबार्इल्स में स्कीम का लाभ जनता को खुब मिलता है और इस क्षेत्र में जबरदस्त खरीदारी भी होती है लेकिन एफएमसीजी आइटमों की खरीदारी पर उपभोक्ताओं को कुछ विशेष लाभ नहीं मिलता है और न ही इन पर कोर्इ ऐसी डिस्काउंट होता है कि उम्मीद से ज्यादा बिक्री हो।
पीआर्इबीएस के विधार्थियों का कहना है कि इसके लिए सबसे पहले मार्केट का सर्वे होना चाहिए साथ ही लोगों की जेब के हिसाब से प्रोडक्ट को लांच करना चाहिए और जनता को आकर्षित करने के लिए शानदार और मनलुभावन स्कीम दी जाए साथ ही उस स्कीम को जनता तक विज्ञापन के माध्यम से समय से पहुंचाया जाए ताकि उपभोक्ता और दुकानदार दोनों को इसका पुरा फायदा मिल सके।
पीआर्इबीएस के विधार्थियों ने जरूरतमंद बच्चों को कपड़े और मिठार्इ बांटने और पटाखे नहीं चला कर प्रदुषण रहित दीवाली मनाने का निर्णय लिया तथा साथ ही उन्होने यह भी कहा कि ये पर्व अपने घर के साथ दूसरों की जिंदगी में अंधेरा दूर करके उजाले की ओर ले जाने का है इसलिए वे लोग जो इस पर्व को अच्छी परिस्थिति नहीं होने के कारण नहीं मना पाते उनके साथ रहकर और उनका सहयोग कर त्यौहारों को मनाया जाये और जितनी हो सके उनकी मदद करके गरीब और असहाय बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाए।
