वरिष्ठ नागरिक अपनी वसीयत अवश्य लिखें
वरिष्ठ नागरिकों को अपनी वसीयत अवश्य लिखनी चाहिए जिससे अपने द्वारा जीवन में अर्जित सम्पत्ति बाद में सही हाथों में जा सके। ये विचार हेल्पेज इंडिया की कौन्सिलर श्रीमती दर्शना शर्मा ने कलक्ट्रेट परिसर में पेंशनर समाज एवं महाराणा प्रताप वरिष्ठ नागरिक संस्थान द्वारा आयोजित एडवोकेसी कार्यक्रम में व्यक्त किए।

वरिष्ठ नागरिकों को अपनी वसीयत अवश्य लिखनी चाहिए जिससे अपने द्वारा जीवन में अर्जित सम्पत्ति बाद में सही हाथों में जा सके। ये विचार हेल्पेज इंडिया की कौन्सिलर श्रीमती दर्शना शर्मा ने कलक्ट्रेट परिसर में पेंशनर समाज एवं महाराणा प्रताप वरिष्ठ नागरिक संस्थान द्वारा आयोजित एडवोकेसी कार्यक्रम में व्यक्त किए।
उन्होंने रखरखाव के तहत माता-पिता के कल्याण एवं वरिष्ठ नागरिकों का अधिकार अधिनियम 2007, कम्प्यूटर लर्निंग एवं स्मार्ट फोन ही वरिष्ठ नागरिकों को जानना आज की पहली आवश्यकता बताया।
आरंभ में पेंशनर समाज के अध्यक्ष भंवर सेठ ने हेल्पेज इंडिया द्वारा वरिष्ठजनों के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए वसीयत को परिस्थितिजन्य बदला जा सकता है। विदित रहे कि आपकी द्वारा लिखी गई अंतिम वसीयत ही मान्य होगी। उन्होंने वसीयत को नोटेरी या पंजीकृत करोन केा सुरक्षित बताया। सेठ ने प्रसन्नता व्यक्त की कि उदयपुर में अनेक संस्थाएं वरिष्ठजनों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही है।