वायुसेना में रचा शक्ति शर्मा ने इतिहास ! दो-स्टार रैंक हासिल कर बनी पहली गैर-चिकित्सकीय महिला एयर वाइस मार्शल
Udaipur Times, Air Vice Marshal Shakti Sharma : भारतीय वायुसेना की अधिकारी एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा ने सशस्त्र बलों के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। वह भारतीय रक्षा बलों में एयर वाइस मार्शल या समकक्ष दो-स्टार रैंक हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जो चिकित्सा शाखा से नहीं बल्कि गैर-चिकित्सा शाखा से आती हैं।
शक्ति शर्मा ने 1 सितंबर 2026 को वायुसेना मुख्यालय में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (शिक्षा) का पदभार संभाला। इससे पहले वह एयर कमोडोर के पद पर कार्यरत थीं। रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना ने उनकी पदोन्नति को महिला अधिकारियों की बढ़ती नेतृत्व भूमिका के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
शक्ति शर्मा ने रचा भारत में नया इतिहास
शक्ति शर्मा की उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि इससे पहले सशस्त्र बलों में महिला अधिकारी उच्च रैंक तक पहुंची हैं, लेकिन गैर-चिकित्सा शाखा से एयर वाइस मार्शल या समकक्ष दो-स्टार रैंक हासिल करने वाली वह पहली महिला अधिकारी बनी हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनकी पदोन्नति भारतीय वायुसेना में महिला अधिकारियों की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व के विस्तार को दर्शाती है। वायुसेना ने भी इसे महिला अधिकारियों की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है।
नई जिम्मेदारी में शक्ति शर्मा वायुसेना मुख्यालय में शिक्षा से जुड़े वरिष्ठ स्तर के कार्यों को संभालेंगी। इसमें शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों से संबंधित नीतियों तथा कार्यक्रमों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शामिल है।
1994 में शुरू हुआ था वायुसेना में शक्ति का सफर
एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा को 18 जून 1994 को भारतीय वायुसेना की शिक्षा शाखा में कमीशन मिला था। इसके बाद उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में वायुसेना के अलग-अलग संस्थानों और महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्रों, फील्ड स्टेशनों यानी वायुसेना अड्डों, कमान मुख्यालयों और वायुसेना मुख्यालय में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं।
वायुसेना की शिक्षा शाखा भले ही लड़ाकू और उड़ान भूमिकाओं की तरह सुर्खियों में न रहती हो, लेकिन सैन्य प्रशिक्षण, शैक्षणिक व्यवस्था, मानव संसाधन विकास और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शक्ति शर्मा का पूरा करियर इसी क्षेत्र से जुड़ा रहा है। तीन दशक से ज्यादा के अनुभव के बाद अब वह इसी क्षेत्र की शीर्ष स्तर की जिम्मेदारियों में शामिल हो गई हैं।
IIT कानपुर और पुणे विश्वविद्यालय में भी कर चुकी है नेतृत्व
शक्ति शर्मा के करियर की एक खास उपलब्धि रक्षा और शिक्षा जगत के बीच सहयोग से भी जुड़ी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने IIT कानपुर और पुणे विश्वविद्यालय में ‘वायुसेना की उत्कृष्टता पीठ’ यानी IAF Chair of Excellence स्थापित करने से जुड़ी संस्थागत पहलों का नेतृत्व किया। इन पहलों का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र और उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देना था। इसके माध्यम से अकादमिक शोध, तकनीक और रक्षा से जुड़े विषयों पर साझा कार्य को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई।
यह अनुभव उनकी नई भूमिका के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़ी नीतियों में अकादमिक संस्थानों के साथ सहयोग की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
सैनिक स्कूल कपूरथला की प्रिंसिपल रह चुकी है शक्ति
दो-स्टार रैंक हासिल करने से पहले भी शक्ति शर्मा के नाम एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हो चुकी है। वह तीनों सेनाओं—थल सेना, नौसेना और वायुसेना—की पहली महिला अधिकारी बनी थीं, जिन्होंने किसी सैनिक स्कूल की कमान संभाली।
उन्होंने पंजाब स्थित सैनिक स्कूल कपूरथला में प्रिंसिपल के रूप में जिम्मेदारी निभाई। सैनिक स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सशस्त्र बलों में करियर के लिए तैयारी पर भी जोर दिया जाता है।
प्रिंसिपल के रूप में उनकी जिम्मेदारी में स्कूल के प्रशासन और शैक्षणिक व्यवस्था का नेतृत्व शामिल था। इस भूमिका ने शिक्षा क्षेत्र के साथ-साथ प्रशासनिक और नेतृत्व संबंधी उनके अनुभव को भी मजबूत किया।
क्यों खास है गैर-चिकित्सकीय महिला अधिकारी की यह उपलब्धि?
सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों ने पहले भी वरिष्ठ पद हासिल किए हैं, खासकर चिकित्सा शाखा में। लेकिन गैर-चिकित्सा शाखा से एयर वाइस मार्शल या समकक्ष दो-स्टार रैंक तक पहुंचना एक अलग उपलब्धि है।
इसी वजह से रक्षा मंत्रालय और वायुसेना ने शक्ति शर्मा को पहली गैर-चिकित्सा महिला दो-स्टार अधिकारी के रूप में रेखांकित किया है।
यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए जिम्मेदारियों और अवसरों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में महिला अधिकारियों की भागीदारी बढ़ने के साथ वरिष्ठ नेतृत्व और स्टाफ पदों पर भी उनकी मौजूदगी मजबूत हुई है।
Assistant Chief of Air Staff (Education) की जिम्मेदारी क्या है?
असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (शिक्षा) वायुसेना मुख्यालय का एक वरिष्ठ स्टाफ पद है। इस भूमिका में शिक्षा, प्रशिक्षण संस्थानों और संबंधित नीतिगत कार्यों की निगरानी तथा मार्गदर्शन जैसी जिम्मेदारियां शामिल होती हैं।
शक्ति शर्मा के पास प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों से लेकर कमान मुख्यालय और वायुसेना मुख्यालय तक काम करने का लंबा अनुभव है। ऐसे में नई जिम्मेदारी में उनका यह अनुभव महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वह अब एयर कमोडोर से पदोन्नत होकर एयर वाइस मार्शल के रूप में इस महत्वपूर्ण पद को संभाल रही हैं।
तीन दशक के अनुभव के बाद पहुंचीं नई ऊंचाई पर
शक्ति शर्मा का करियर इस बात का उदाहरण है कि भारतीय वायुसेना में गैर-चिकित्सा शाखाओं में भी महिला अधिकारी वरिष्ठ नेतृत्व की जिम्मेदारियों तक पहुंच रही हैं। 1994 में शिक्षा शाखा से शुरू हुआ उनका सफर प्रशिक्षण संस्थानों, फील्ड पोस्टिंग, कमान मुख्यालय, उच्च शिक्षा संस्थानों से सहयोग और सैनिक स्कूल के नेतृत्व से होते हुए अब वायुसेना मुख्यालय के दो-स्टार रैंक तक पहुंच गया है। उनकी यह पदोन्नति केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों के बढ़ते नेतृत्व और बदलती भूमिका का भी महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।