कला आश्रम में शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाया
कला आश्रम फाउण्डेशन के अन्तर्गत संचालित कला आश्रम काॅलेज आॅफ परफोर्मिंग आर्टस् द्वारा कल दिनांक 24 अक्टूबर को सायं 5 बजे से 7 बजे तक कला आश्रम प्रांगण में शरद पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव का शुभारंभ फाउण्डेशन के मुख्य प्रबन्धक न्यासी डाॅ. दिनेश खत्री एवं संरक्षक न्यासी डाॅ. सरोज शर्मा द्वारा किया गया।

कला आश्रम फाउण्डेशन के अन्तर्गत संचालित कला आश्रम काॅलेज आॅफ परफोर्मिंग आर्टस् द्वारा कल दिनांक 24 अक्टूबर को सायं 5 बजे से 7 बजे तक कला आश्रम प्रांगण में शरद पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव का शुभारंभ फाउण्डेशन के मुख्य प्रबन्धक न्यासी डाॅ. दिनेश खत्री एवं संरक्षक न्यासी डाॅ. सरोज शर्मा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में परफोर्मिंग आर्ट्स की छात्राओं द्वारा शरद पूर्णिमा महोत्सव पर शास्त्रीय कत्थक नृत्य, संगीत आदि के माध्यम से अपनी प्रस्तुतियां दी। मधुराष्टकम् अष्ठ पदी पर आश्रम की लगभग 80 बच्चों ने मेडिटेशन ‘‘कृष्ण नृत्य ध्यान क्रिया योग’’ किया। श्रेया भारद्वाज ने अपने कत्थक नृत्य की प्रस्तुति शिव वन्दना स्वरूप से की। कत्थक नृत्य यात्रा में अंजली शर्मा, माही चपलोत, त्वीशा, इशत्वीनी खराड़ी समूह ने ताल त्रिताल पर प्रस्तुति दी। शरद पूर्णिमा उत्सव कार्यक्रम में तबले पर सूरज गन्धर्व व नृत्य संयोजन क्रिया में डाॅ. सरोज शर्मा की प्रमुख भूमिका रही।
कला आश्रम परफोर्मिंग आर्ट्स की प्राचार्या डाॅ. सरोज शर्मा द्वारा छात्र-छात्राओं को शरद पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है के विषय में विस्तार से बताया। पूरे साल में केवल इसी दिन चन्द्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। इसी दिन श्रीकृष्ण ने महारास रचाया था। इस रात्रि को चन्द्रमा की किरणें से अमृत झड़ता है तथा इसी दिन खीर बनाकर रात भर चांदनी में रखने का विधान है। कला आश्रम में शरद पूर्णिमा बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया।
