24700 करोड़ रुपये से यहां तैयार होगा जहाज निर्माण केंद्र ! 2500 एकड़ में लगेगा प्रोजेक्ट, लोगों को मिलेगा रोजगार
Udaipur Times, New Delhi : ओडिशा की प्राचीन समुद्री विरासत अब आधुनिक औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिखने जा रही है। राज्य में पहली बार बड़े पैमाने पर मालवाहक जहाजों का निर्माण होने की तैयारी है। केंद्रापड़ा जिले में महानदी के किनारे प्रस्तावित राज्य के पहले बड़े जहाज निर्माण केंद्र को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है।
केंद्रीय जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय की जहाज निर्माण विकास योजना के तहत नेशनल शिपबिल्डिंग एंड हेवी इंडस्ट्रीज पार्क ओडिशा लिमिटेड को करीब 24,700 करोड़ रुपये की इस मेगा परियोजना के लिए मंजूरी मिली है। राज्य के उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वाईं ने इसकी जानकारी दी।
महानदी के किनारे विकसित होगा जहाज निर्माण केंद्र
प्रस्तावित औद्योगिक क्लस्टर पारादीप में इफ्को संयंत्र के पास महानदी के उत्तरी तट पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना को ओडिशा समुद्री बोर्ड और पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण के संयुक्त सहयोग से विशेष प्रयोजन कंपनी के जरिए विकसित किया जाएगा। इस मेगा क्लस्टर में जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत के साथ-साथ इससे जुड़े भारी उद्योगों के लिए एकीकृत औद्योगिक व्यवस्था तैयार की जाए
2,500 एकड़ तक में लगाया जाएगा प्रोजेक्ट
मूल योजना के अनुसार, परियोजना के लिए करीब 2,000 से 2,500 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इसके साथ लगभग 2 से 2.5 किलोमीटर लंबा समुद्री तट भी विकसित किया जाएगा। क्लस्टर में एक या उससे अधिक बड़े जहाज निर्माण संयंत्र स्थापित किए जाने की योजना है। इनकी संयुक्त निर्माण क्षमता करीब 12 लाख ग्रॉस टन प्रति वर्ष तक होने की उम्मीद है।
इंजन से लेकर समुद्री उपकरण तक का होगा निर्माण
यह परियोजना सिर्फ जहाज निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी। प्रस्तावित औद्योगिक क्लस्टर में इंजन निर्माण, इस्पात प्रसंस्करण और समुद्री उपकरणों से जुड़ी सहायक इकाइयां भी स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा यहां अनुसंधान एवं विकास केंद्र, विशेषज्ञ प्रशिक्षण केंद्र और साझा औद्योगिक सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे जहाज निर्माण उद्योग से जुड़े कई छोटे और बड़े कारोबारों को एक ही औद्योगिक व्यवस्था में काम करने का अवसर मिलेगा।
रोजगार के साथ-साथ समुद्री कारोबार को मिलेगी रफ्तार
24,700 करोड़ रुपये की इस परियोजना से ओडिशा में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही इससे राज्य में जहाज निर्माण, जहाज मरम्मत और समुद्री उपकरणों से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।सरकार को उम्मीद है कि यह जहाज निर्माण केंद्र ओडिशा को देश के प्रमुख समुद्री औद्योगिक केंद्रों में शामिल करने के साथ ही वैश्विक समुद्री व्यापार के नक्शे पर राज्य की भूमिका को और मजबूत करेगा।