क्या फोन की स्क्रीन पर लगा टेम्पर्ड ग्लास चटक जाने पर इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं ? जाने सही और गलत की जानकारी

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क्या फोन की स्क्रीन पर लगा टेम्पर्ड ग्लास चटक जाने पर इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं ? जाने सही और गलत की जानकारी 

Udaipur Times, Smartphone Tempered Glass : टूटा हुआ टेम्पर्ड ग्लास सिर्फ फोन की खूबसूरती खराब नहीं करता, बल्कि इसके टूटे हुए किनारे आपकी उंगलियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, अगर ग्लास बुरी तरह चकनाचूर हो गया है, तो उसके छोटे-छोटे कण स्क्रीन पर स्क्रैच भी डाल सकते हैं।

इसलिए टेम्पर्ड ग्लास में मामूली दरार आने पर भी उसकी स्थिति को नजरअंदाज न करें। खासकर अगर ग्लास के किनारे से कांच के टुकड़े निकल रहे हैं या स्क्रीन पर उंगली चलाने पर नुकीले हिस्से महसूस हो रहे हैं, तो इसे बदल देना बेहतर है।अगर आपके फोन का टेम्पर्ड ग्लास भी चटक चुका है, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

कब तुरंत बदल देना चाहिए टेम्पर्ड ग्लास?

टेम्पर्ड ग्लास में एक-दो हल्की दरार आने का मतलब यह नहीं है कि फोन की स्क्रीन तुरंत खराब हो जाएगी। लेकिन कुछ स्थितियों में इसे जल्द बदलना जरूरी हो जाता है।

1 किनारों से कांच निकल रहा हो

अगर चटके हुए टेम्पर्ड ग्लास के किनारों से छोटे-छोटे कांच के टुकड़े निकल रहे हैं या उंगली फेरने पर नुकीले किनारे महसूस हो रहे हैं, तो इसे इस्तेमाल करना बंद कर दें।

ऐसे टूटे हुए हिस्से उंगली को चोट पहुंचा सकते हैं और फोन इस्तेमाल करते समय परेशानी भी पैदा कर सकते हैं।

2 ग्लास बुरी तरह चकनाचूर हो गया हो

अगर टेम्पर्ड ग्लास पर कई दरारें आ गई हैं और उसका बड़ा हिस्सा टूट चुका है, तो इसे बदल देना ही बेहतर है।

टूटा हुआ ग्लास स्क्रीन की विजिबिलिटी को प्रभावित कर सकता है। कुछ मामलों में ज्यादा दरारों की वजह से टच इस्तेमाल करने में भी परेशानी महसूस हो सकती है।

3 स्क्रीन पर धूल या छोटे कण जमा हो रहे हों

चटके हुए टेम्पर्ड ग्लास के नीचे धूल या दूसरे छोटे कण पहुंच सकते हैं। फोन की स्क्रीन पर लगातार घर्षण होने से स्क्रैच पड़ने का खतरा बढ़ सकता है।

यहां एक बात ध्यान देने वाली है कि टेम्पर्ड ग्लास बदलने का खर्च आमतौर पर स्मार्टफोन की असली डिस्प्ले बदलने की तुलना में काफी कम होता है। इसलिए थोड़ी बचत के लिए महंगी स्क्रीन को जोखिम में डालना समझदारी नहीं है।

चटका हुआ टेम्पर्ड ग्लास फोन से कैसे निकालें?

अगर टेम्पर्ड ग्लास बुरी तरह टूट चुका है, तो उसे निकालते समय जल्दबाजी न करें। गलत तरीके से हटाने पर टूटे हुए टुकड़ों से हाथ या स्क्रीन को नुकसान पहुंच सकता है।

इसे हटाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

सबसे पहले फोन को स्विच ऑफ कर दें।

अगर फोन पर कवर लगा है, तो उसे सावधानी से हटा दें।

अगर टेम्पर्ड ग्लास बहुत ज्यादा टूट चुका है, तो उसके ऊपर सेलो टेप चिपका सकते हैं। इससे छोटे टुकड़ों को बिखरने से रोकने में मदद मिल सकती है।

इसके बाद किसी कोने से ग्लास को बहुत धीरे से उठाने की कोशिश करें।

इसके लिए नाखून या पतले प्लास्टिक कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।

मेटल ब्लेड, चाकू या किसी नुकीली धातु की चीज का इस्तेमाल न करें।

ग्लास निकलने के बाद स्क्रीन को माइक्रोफाइबर कपड़े से धीरे-धीरे साफ करें।

अगर टेम्पर्ड ग्लास बुरी तरह चकनाचूर हो गया है और उसे हटाना मुश्किल लग रहा है, तो खुद निकालने के बजाय किसी मोबाइल रिपेयर प्रोफेशनल की मदद लेना ज्यादा सुरक्षित हो सकता है।

बार-बार टेम्पर्ड ग्लास टूटता है तो क्या करें?

अगर आपके फोन का टेम्पर्ड ग्लास बार-बार टूट जाता है, तो सिर्फ हर बार नया ग्लास लगवाना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। आप अपने इस्तेमाल के हिसाब से दूसरे स्क्रीन प्रोटेक्शन विकल्प भी चुन सकते हैं।

TPU या हाइड्रोजेल फिल्म

फ्लेक्सिबल TPU या हाइड्रोजेल फिल्म स्क्रीन को रोजमर्रा के छोटे-मोटे स्क्रैच से बचाने में मदद कर सकती है। ये सामान्य टेम्पर्ड ग्लास की तुलना में ज्यादा लचीली होती हैं और आसानी से चटकती नहीं हैं।

हालांकि, अगर आपका फोन बार-बार हाथ से गिरता है, तो ऐसी फिल्म टेम्पर्ड ग्लास जितनी इम्पैक्ट प्रोटेक्शन नहीं दे सकती। इसलिए अपनी जरूरत के हिसाब से स्क्रीन प्रोटेक्टर चुनना बेहतर है।

स्क्रीन को बचाने के लिए  फोन केस लगाएं    

सिर्फ स्क्रीन पर टेम्पर्ड ग्लास लगाना काफी नहीं है। फोन गिरने की स्थिति में उसके किनारे और कोने भी काफी महत्वपूर्ण होते हैं।
एक अच्छा बंपर या रग्ड केस फोन के कोनों और किनारों को अतिरिक्त सुरक्षा दे सकता है। इससे गिरने के दौरान सीधे स्क्रीन पर पड़ने वाला झटका कुछ हद तक कम हो सकता है और टेम्पर्ड ग्लास के टूटने की संभावना भी घट सकती है।

मिलिट्री-ग्रेड केस के साथ फिल्म का विकल्प मौजूद

अगर आप पहले से मजबूत या मिलिट्री-ग्रेड केस इस्तेमाल करते हैं और आपका मुख्य उद्देश्य स्क्रीन को स्क्रैच से बचाना है, तो टेम्पर्ड ग्लास की जगह प्रोटेक्टिव फिल्म भी इस्तेमाल की जा सकती है।

हालांकि, केस और स्क्रीन प्रोटेक्टर अलग-अलग तरह की सुरक्षा देते हैं। इसलिए फोन के इस्तेमाल और गिरने के जोखिम को ध्यान में रखकर चुनाव करें।

क्या हल्का चटका हुआ टेम्पर्ड ग्लास भी बदलना है जरूरी ?

हर छोटी दरार के साथ टेम्पर्ड ग्लास तुरंत बदलना अनिवार्य नहीं है। अगर दरार बहुत छोटी है, कोई नुकीला किनारा नहीं है और टच या विजिबिलिटी में कोई परेशानी नहीं हो रही, तो कुछ समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है।

लेकिन अगर दरार बढ़ रही है, ग्लास के टुकड़े निकल रहे हैं, टच में परेशानी हो रही है या स्क्रीन देखने में दिक्कत हो रही है, तो इसे बदलने में देरी न करें।

ध्यान रखने के लिये जरूरी बात

टेम्पर्ड ग्लास फोन की असली स्क्रीन नहीं है, बल्कि स्क्रीन की सुरक्षा के लिए लगाया गया एक अतिरिक्त लेयर है। इसका टूट जाना अक्सर इस बात का संकेत भी हो सकता है कि उसने गिरने या किसी चोट का असर खुद झेला है। इसलिए टूटे हुए टेम्पर्ड ग्लास को लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बजाय समय पर बदल देना बेहतर है। आखिरकार, नया स्क्रीन प्रोटेक्टर लगवाने का खर्च फोन की असली डिस्प्ले को नुकसान पहुंचने के खर्च से काफी कम हो सकता है।

कब तुरंत बदल देना चाहिए टेम्पर्ड ग्लास?

टेम्पर्ड ग्लास में एक-दो हल्की दरार आने का मतलब यह नहीं है कि फोन की स्क्रीन तुरंत खराब हो जाएगी। लेकिन कुछ स्थितियों में इसे जल्द बदलना जरूरी हो जाता है।

1 किनारों से कांच निकल रहा हो

अगर चटके हुए टेम्पर्ड ग्लास के किनारों से छोटे-छोटे कांच के टुकड़े निकल रहे हैं या उंगली फेरने पर नुकीले किनारे महसूस हो रहे हैं, तो इसे इस्तेमाल करना बंद कर दें।

ऐसे टूटे हुए हिस्से उंगली को चोट पहुंचा सकते हैं और फोन इस्तेमाल करते समय परेशानी भी पैदा कर सकते हैं।

2 ग्लास बुरी तरह चकनाचूर हो गया हो

अगर टेम्पर्ड ग्लास पर कई दरारें आ गई हैं और उसका बड़ा हिस्सा टूट चुका है, तो इसे बदल देना ही बेहतर है।

टूटा हुआ ग्लास स्क्रीन की विजिबिलिटी को प्रभावित कर सकता है। कुछ मामलों में ज्यादा दरारों की वजह से टच इस्तेमाल करने में भी परेशानी महसूस हो सकती है।

3 स्क्रीन पर धूल या छोटे कण जमा हो रहे हों

चटके हुए टेम्पर्ड ग्लास के नीचे धूल या दूसरे छोटे कण पहुंच सकते हैं। फोन की स्क्रीन पर लगातार घर्षण होने से स्क्रैच पड़ने का खतरा बढ़ सकता है।

यहां एक बात ध्यान देने वाली है कि टेम्पर्ड ग्लास बदलने का खर्च आमतौर पर स्मार्टफोन की असली डिस्प्ले बदलने की तुलना में काफी कम होता है। इसलिए थोड़ी बचत के लिए महंगी स्क्रीन को जोखिम में डालना समझदारी नहीं है।

चटका हुआ टेम्पर्ड ग्लास फोन से कैसे निकालें?

अगर टेम्पर्ड ग्लास बुरी तरह टूट चुका है, तो उसे निकालते समय जल्दबाजी न करें। गलत तरीके से हटाने पर टूटे हुए टुकड़ों से हाथ या स्क्रीन को नुकसान पहुंच सकता है।

इसे हटाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

सबसे पहले फोन को स्विच ऑफ कर दें।

अगर फोन पर कवर लगा है, तो उसे सावधानी से हटा दें।

अगर टेम्पर्ड ग्लास बहुत ज्यादा टूट चुका है, तो उसके ऊपर सेलो टेप चिपका सकते हैं। इससे छोटे टुकड़ों को बिखरने से रोकने में मदद मिल सकती है।

इसके बाद किसी कोने से ग्लास को बहुत धीरे से उठाने की कोशिश करें।

इसके लिए नाखून या पतले प्लास्टिक कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।

मेटल ब्लेड, चाकू या किसी नुकीली धातु की चीज का इस्तेमाल न करें।

ग्लास निकलने के बाद स्क्रीन को माइक्रोफाइबर कपड़े से धीरे-धीरे साफ करें।

अगर टेम्पर्ड ग्लास बुरी तरह चकनाचूर हो गया है और उसे हटाना मुश्किल लग रहा है, तो खुद निकालने के बजाय किसी मोबाइल रिपेयर प्रोफेशनल की मदद लेना ज्यादा सुरक्षित हो सकता है।

बार-बार टेम्पर्ड ग्लास टूटता है तो क्या करें?

अगर आपके फोन का टेम्पर्ड ग्लास बार-बार टूट जाता है, तो सिर्फ हर बार नया ग्लास लगवाना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। आप अपने इस्तेमाल के हिसाब से दूसरे स्क्रीन प्रोटेक्शन विकल्प भी चुन सकते हैं।

TPU या हाइड्रोजेल फिल्म

फ्लेक्सिबल TPU या हाइड्रोजेल फिल्म स्क्रीन को रोजमर्रा के छोटे-मोटे स्क्रैच से बचाने में मदद कर सकती है। ये सामान्य टेम्पर्ड ग्लास की तुलना में ज्यादा लचीली होती हैं और आसानी से चटकती नहीं हैं।

हालांकि, अगर आपका फोन बार-बार हाथ से गिरता है, तो ऐसी फिल्म टेम्पर्ड ग्लास जितनी इम्पैक्ट प्रोटेक्शन नहीं दे सकती। इसलिए अपनी जरूरत के हिसाब से स्क्रीन प्रोटेक्टर चुनना बेहतर है।

स्क्रीन को बचाने के लिए  फोन केस लगाएं    

सिर्फ स्क्रीन पर टेम्पर्ड ग्लास लगाना काफी नहीं है। फोन गिरने की स्थिति में उसके किनारे और कोने भी काफी महत्वपूर्ण होते हैं।

एक अच्छा बंपर या रग्ड केस फोन के कोनों और किनारों को अतिरिक्त सुरक्षा दे सकता है। इससे गिरने के दौरान सीधे स्क्रीन पर पड़ने वाला झटका कुछ हद तक कम हो सकता है और टेम्पर्ड ग्लास के टूटने की संभावना भी घट सकती है।

मिलिट्री-ग्रेड केस के साथ फिल्म का विकल्प मौजूद

अगर आप पहले से मजबूत या मिलिट्री-ग्रेड केस इस्तेमाल करते हैं और आपका मुख्य उद्देश्य स्क्रीन को स्क्रैच से बचाना है, तो टेम्पर्ड ग्लास की जगह प्रोटेक्टिव फिल्म भी इस्तेमाल की जा सकती है।

हालांकि, केस और स्क्रीन प्रोटेक्टर अलग-अलग तरह की सुरक्षा देते हैं। इसलिए फोन के इस्तेमाल और गिरने के जोखिम को ध्यान में रखकर चुनाव करें।

क्या हल्का चटका हुआ टेम्पर्ड ग्लास भी बदलना है जरूरी ?

हर छोटी दरार के साथ टेम्पर्ड ग्लास तुरंत बदलना अनिवार्य नहीं है। अगर दरार बहुत छोटी है, कोई नुकीला किनारा नहीं है और टच या विजिबिलिटी में कोई परेशानी नहीं हो रही, तो कुछ समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है।

लेकिन अगर दरार बढ़ रही है, ग्लास के टुकड़े निकल रहे हैं, टच में परेशानी हो रही है या स्क्रीन देखने में दिक्कत हो रही है, तो इसे बदलने में देरी न करें।

ध्यान रखने के लिये जरूरी बात

टेम्पर्ड ग्लास फोन की असली स्क्रीन नहीं है, बल्कि स्क्रीन की सुरक्षा के लिए लगाया गया एक अतिरिक्त लेयर है। इसका टूट जाना अक्सर इस बात का संकेत भी हो सकता है कि उसने गिरने या किसी चोट का असर खुद झेला है। इसलिए टूटे हुए टेम्पर्ड ग्लास को लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बजाय समय पर बदल देना बेहतर है। आखिरकार, नया स्क्रीन प्रोटेक्टर लगवाने का खर्च फोन की असली डिस्प्ले को नुकसान पहुंचने के खर्च से काफी कम हो सकता है।

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