श्री रामनाथ कोविंद होंगे देश के 14वें राष्ट्रपति
श्री रामनाथ कोविंद देश 14वें राष्ट्रपति होंगे। रिटर्निंग अफसर अनूप मिश्रा ने कोविंद के चुनाव जीतने का एलान किया। रामनाथ कोविंद को 66% वोट हासिल हुए। कोविंद को मीरा कुमार से दोगुने और 66% वोट मिले हैं। वे 25 जुलाई को 11 बजे राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। सबसे पहले ममता बनर्जी ने कोविंद को बधाई दी। उन्होंने कहा, "रामनाथ कोविंद जी को बधाई, जो हमारे अगले राष्ट्रपति होंगे।" कोविंद देश के दूसरे दलित राष्ट्रपति होंगे। इससे पहले केआर नारायणन 1997 में चुने गए थे। बता दें कि वोटिंग बीते सोमवार को हुई थी। तब राष्ट्रपति चुनाव के 65 साल में सबसे ज्यादा 99% वोट डाले गए, रामनाथ कोविंद को 66% यानी 7,02,044 वोट मिले। मीरा कुमार को 34% यानी 3,67,314 वोट मिले।
श्री रामनाथ कोविंद देश 14वें राष्ट्रपति होंगे। रिटर्निंग अफसर अनूप मिश्रा ने कोविंद के चुनाव जीतने का एलान किया। रामनाथ कोविंद को 66% वोट हासिल हुए। कोविंद को मीरा कुमार से दोगुने और 66% वोट मिले हैं। वे 25 जुलाई को 11 बजे राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। सबसे पहले ममता बनर्जी ने कोविंद को बधाई दी। उन्होंने कहा, “रामनाथ कोविंद जी को बधाई, जो हमारे अगले राष्ट्रपति होंगे।” कोविंद देश के दूसरे दलित राष्ट्रपति होंगे। इससे पहले केआर नारायणन 1997 में चुने गए थे। बता दें कि वोटिंग बीते सोमवार को हुई थी। तब राष्ट्रपति चुनाव के 65 साल में सबसे ज्यादा 99% वोट डाले गए, रामनाथ कोविंद को 66% यानी 7,02,044 वोट मिले। मीरा कुमार को 34% यानी 3,67,314 वोट मिले।
श्री राम नाथ कोविन्द भारतीय जनता पार्टी के राजनेता हैं वे राज्यसभा सदस्य तथा बिहार के राज्यपाल रह चुके हैं। सत्ताधारी एन डी ए द्वारा 19 जून 2017 को भारत के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित किये गए। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कांफ्रेंस करके उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की, अमित शाह ने कहा कि रामनाथ कोविंद दलित समाज से उठकर आये हैं और उन्होंने दलितों के उत्थान के लिए बहुत काम किया है, वे पेशे से एक वकील हैं और उन्हें संविधान का अच्छा ज्ञान भी है इसलिए वे एक अच्छे राष्ट्रपति साबित होंगे और आगे भी मानवता के कल्याण के लिए काम करते रहेंगे।
राम नाथ कोविन्द का जन्म 1 अक्टूबर 1945 में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की (वर्तमान में कानपुर देहात जिला), तहसील डेरापुर के एक छोटे से गाँव परौंख में हुआ था। कोविन्द का सम्बन्ध कोरी या कोली जाति से है जो उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है। वकालत की उपाधि लेने के पश्चात दिल्ली उच्च न्यायालय में वकालत प्रारम्भ की। वह 1977 से 1979 तक दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार के वकील रहे। 8 अगस्त 2015 को बिहार के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति हुई। उन्होनें संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा भी तीसरे प्रयास में ही पास कर ली थी।

वर्ष 1991 में भारतीय जनता पार्टी में सम्मिलित हो गये। 1994 में उत्तर प्रदेश राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए। वर्ष 2000 में पुनः उत्तरप्रदेश राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए। इस प्रकार कोविन्द लगातार 12 वर्ष तक राज्य सभा के सदस्य रहे। वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे। वह भाजपा दलित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखिल भारतीय कोली समाज अध्यक्ष भी रहे। 1983 में दलित वर्ग के कानूनी सहायता ब्युरो के महामंत्री भी रहे। श्री रामनाथ कोविंद के परिवार में पत्नी सविता कोविंद और एक पुत्र प्रशांत तथ पुत्री स्वाति है।