श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान निर्विघ्न सम्पन्न
सेक्टर 11 स्थित आदिनाथ भवन में आचार्यश्री कनकनन्दी के सानिध्य में आदिनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में कार्तिक अष्टान्हिका पर्व पर आयोजित नौ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान शुक्रवार को प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिया के मंत्रोच्चारण के बीच सर्व शान्ति महायज्ञ की पूर्णाहूति के साथ निर्विघ्न सम्पन्न हो गया।

सेक्टर 11 स्थित आदिनाथ भवन में आचार्यश्री कनकनन्दी के सानिध्य में आदिनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में कार्तिक अष्टान्हिका पर्व पर आयोजित नौ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान शुक्रवार को प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिया के मंत्रोच्चारण के बीच सर्व शान्ति महायज्ञ की पूर्णाहूति के साथ निर्विघ्न सम्पन्न हो गया।
प्रचार प्रसार मंत्री पारस चित्तौड़ा ने बताया कि विधान के अन्तिम दिन शुक्रवार प्रात: इन्द्र-इन्द्राणियों द्वारा आदिनाथ भगवान का पंचामृत अभिषेक किया गया। साथ ही विनोद कान्तिलाल देवड़ा परिवार द्वारा शांतिधारा की गई।
आदिनाथ पूजा, नवदेवता पूजा के बाद विश्व शांति महायज्ञ प्रारम्भ हुआ जिसमें तीर्थंकर, कैवली एवं गणधर हवन कुण्ड समेत कुल 21 हवन कुण्डों में पंच परमेष्टी, राजादि, महाशांति मंत्र की इन्द्र- इन्द्राणियों द्वारा धूप एवं घी की आहूतियां दी गई। विधान के दौरान इन्द्र- इन्द्राणियों ने दो लाख जाप्यानुष्ठान किये।
हवन कुण्डों में पूर्णाहूति के साथ हवन पूर्ण हुआ। फतहलाल मुण्डलिया परिवार द्वारा आरती उतारी गई। पुण्याहवाचन, आरती, शांति पाठ एवं विसर्जन विधि के बाद श्रीजी को पालकी में विराजित कर आदिनाथ भवन से शोभा यात्रा निकाली गई जो आदिनाथ मन्दिर पहुंची, जहां पर वेदी पर श्रीजी को विराजमान किया गया।
ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष भंवरलाल मुण्डलिया ने बताया कि इस मांगलिक अवसर पर ट्रस्ट द्वारा 8 उपवास करने वाली महिलाओं का सम्मान किया गया।
