सिद्धचक्र महामंडल विधान के आठवें दिन 1024 अघ्र्य समर्पित
सेक्टर 11 स्थित आदिनाथ भवन में आदिनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा कार्तिक अष्टान्हिका पर्व पर आचार्य कनकनन्दी गुरूदेव ससंघ के सानिध्य में नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के आठवेेेंं दिन गुरूवार को प्रात:

सेक्टर 11 स्थित आदिनाथ भवन में आदिनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा कार्तिक अष्टान्हिका पर्व पर आचार्य कनकनन्दी गुरूदेव ससंघ के सानिध्य में नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के आठवेेेंं दिन गुरूवार को प्रात: जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक किया गया, वहीं पारस भोजावत परिवार द्वारा शांतिधारा की गई।
आदिनाथ पूजा, देवशास्त्र गुरू पूजा के बाद आठवें दिन सिद्धचक्र महामंडल विधान की अन्तिम आठवीं पूजा के तहत प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया के मंत्रोच्चारण के साथ इन्द्र- इन्द्राणियों द्वारा विधान मंडप पर 1024 अष्ट द्रव्य श्रीफल युक्त अघ्र्य समर्पित किये गये।
आचार्य कनकनन्दी ससंघ का हुआ पिच्छी परिवर्तन : इस मांगलिक आयोजन के दौरान आचार्य कनकनन्दी ससंघ का पिच्छी परिवर्तन हुआ। जिसमें श्रावकों द्वारा आचार्य संघ को नूतन मयूर पिच्छिका प्रदान की गई वहीं संघ द्वारा वर्तमान पिच्छिका श्रावकों को आशीर्वाद स्वरूप प्रदान की गई। पिच्छिका परिवर्तन के मांगलिक आयोजन में शहर ही नहीं आसपास के मेवाड़- वागड़ क्षेत्र से सैंकड़ों श्रद्धालु सम्मिलित हुए।
पिच्छिका परिवर्तन के तहत आचार्य कनकनन्दी को पिच्छी प्रदान करने का लाभ आदेश्वरलाल फान्दोत परिवार, मुनि सुविज्ञसागर को भंवरलाल राटिया, मुनि अध्यात्मनन्दी को रतनपाल वेड़ा, आर्यिका सुवत्सलमति को गेहरीलाल, पारस तथा क्षुल्लिका सुवीक्षमति को पिच्छिका प्रदान करने का लाभ नरेन्द्रपाल कोटडिय़ा को मिला। इसी तरह आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन पारस चित्तौड़ा, जिनवाणी भेंट राजेन्द्र कोठारी, आर्यिका संघ को वस्त्र भेंट का लाभ बसन्त कुमार घाटिया को मिला।
आज विधान का समापन: आदिनाथ चेरिटेबल ट्रस्ट अध्यक्ष राजेन्द्र कोठारी ने बताया कि शुक्रवार को प्रात: विश्वशांति महायज्ञ के तहत इन्द्र- इन्द्राणियों द्वारा हवन कुण्डों में विश्वशान्ति कामनार्थ आहूतियां दी जाएगी। विधान समाप्ति पर श्रीजी को पालकी में विराजित कर शोभा यात्रा के साथ आदिनाथ भवन से आदिनाथ मन्दिर में विराजमान किया जाएगा।