सिरसा के किसान सुभाष ने खेती को बनाया मुनाफे का मॉडल, आज करोड़ों रुपए तक पहुंचा सालाना टर्नओवर
Udaipur Times , Haryana news : हरियाणा सरकार की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज बड़ी संख्या में सूबे के किसान परम्परागत खेती का मोह त्याग कर बागवानी और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं ताकि कम लागत में अधिक मुनाफा कमाकर खुद की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकें। वर्तमान स्थिति की बात करें तो आज धान, कपास जैसी परम्परागत खेती किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है जबकि इसके विपरित फल-फूल, सब्जियों और औषधीय फसलों की खेती से किसान कम समय में अधिक आमदनी कमा रहे हैं। ऐसी ही एक कहानी सिरसा जिले के किसान सुभाष नेहरा की हैं जिन्होंने खेती का नजरिया बदल कर खुद को प्रगतिशील किसानों में शामिल कर लिया है।
करोड़ों रुपए में पहुंचा टर्नओवर
सिरसा के किसान सुभाष नेहरा ने अपनी किन्नू की बागवानी में 25 अलग-अलग फसलें उगाकर खेती को मुनाफे का मॉडल बना दिया है। इंटरक्रॉपिंग और लो-टनल तकनीक की मदद से वो पूरे साल अलग-अलग फसलों से उत्पादन लेते हैं।
सुभाष ने बताया कि उन्होंने अपने बाग में ड्रिप सिस्टम लगाया है जिससे न केवल पानी की बचत होती हैं बल्कि पौधों को भी सही पोषण मिलता है। वहीं गोबर, ट्राइकोडर्मा, स्यूडोमोनास और डीकंपोजर जैसे जैविक इनपुट मिट्टी की सेहत बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं।
आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक तरीकों का यह मेल दिखाता है कि विविध खेती से किसान अपनी आय को काफी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने बताया किन्नू ही नहीं बल्कि अन्य फलों और सब्जियों की खेती से उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर लिया है। आज उनका सालाना टर्नओवर 1 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। उनकी तकनीक से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए बड़ी संख्या में किसान उनके पास आते हैं। ऐसे में वो किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।