नन्हीं तूलिका और सतरंगी रंगों में मुस्कुराता बचपन
नन्हीं चित्रकारा सबा परवेज की मासूम कल्पनाओं से सजी कलाकृतियों की प्रदर्शनी बागोर की हवेली में स्थित कलादीर्घा में प्रदर्शित की गई हैं। अपनी सभी कलाकृतियों में सबा ने एक नन्हें बच्चे की कल्पनाओं, भावनाओं तथा मनोवृत्तियों का सजीव तथा आकर्षक चित्रण किया है।
महाराणा मेवाड़ विद्या मंदिर, अंबामाता में अध्ययनरत कक्षा पांचवीं की नन्हीं चित्रकारा सबा परवेज की मासूम कल्पनाओं से सजी कलाकृतियों की प्रदर्शनी बागोर की हवेली में स्थित कलादीर्घा में प्रदर्शित की गई हैं। अपनी सभी कलाकृतियों में सबा ने एक नन्हें बच्चे की कल्पनाओं, भावनाओं तथा मनोवृत्तियों का सजीव तथा आकर्षक चित्रण किया है।
सबा की कला, रंग-संयोजन तथा परिकल्पनाएं चित्रकला के क्षेत्र में उसके उज्जवल भविष्य के संकेत देती है। सबा के प्रत्येक चित्र में उसका मासूम बचपन मुखरित होता नजर आता है। चित्रकला के अतिरिक्त सबा अध्ययन, नृत्य, नाटक तथा आशुभाषण जैसी कलाओं में भी रूचि रखती है। विद्यालय सबा के इस सराहनीय कार्य के लिए उसे बधाई देते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना करता है।