तो आइए इस नव वर्ष “शराब छोड़िये दूध पीजिये” अभियान को ऐतिहासिक बनाये
तो आइए इस नव वर्ष "शराब छोड़िये दूध पीजिये" अभियान को ऐतिहासिक बनाये

शराब बंदी आंदोलन की अगुवा बहन पूजा छाबड़ा के आहवान पर पिछले वर्ष की भातिं इस वर्ष भी शराब नही दूध से मनेगा नव वर्ष जन क्रांति मंच(शहीद गुरुशरण छाबड़ा) की ओर से हजारो ग्रामीण व शहरी स्थान पर होंगे अनूठे आयोजन शराब नही दूध सुनने में थोड़ा अजीब सा लगता हैं कि ये कैसा आयोजन हैं ये कैसी परिपाटी हैं परंतु सलाम बहन पूजा छाबड़ा को जिन्होंने इस अनूठी पहल को शुरू किया* और पिछले वर्ष सैकड़ो स्थान पर इस तरह के आयोजन किये, ये उनके प्रयास का नतीजा हैं कि कई जागरूक संगठनों और व्यक्तियों ने इस बार स्वेच्छा से इस अभियान को शुरू करने का फैसला किया हैं, और जन क्रांति मंच (शहीद गुरुशरण छाबड़ा जी ) के अलावा कई अन्य संगठन इस वर्ष निजी तौर पर “शराब छोड़िये दूध पीजिये” “शराब छोडो दूध से नाता जोड़ो” “दूध को हाँ और शराब को न” जैसे स्लोगन के साथ इस तरह का आयोजन कर रहे हैं जो बहन पूजा छाबड़ा की उस क्रांतिकारी सोच का नतीजा हैं* जो ठीक एक वर्ष पूर्व उन्होंने अथक प्रयास से धरातल पर लाई थी, जन क्रांति मंच (शहीद गुरुशरण छाबड़ा जी) के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री देव शर्मा ने बताया कि इस वर्ष पूरे *राजस्थान में हजारों स्थान पर इस तरह के आयोजन 31 दिसम्बर को सायंकाल से मध्यरात्रि तक किये जायेंगे जयपुर अलवर, बूंदी, सीकर भरतपुर, जोधपुर बीकानेर चूरू श्रीगंगानगर, सूरतगढ़, बाड़मेर, बहरोड़, कठपुतली, अजमेर, सहित लगभग प्रत्येक जिले में स्थानीय कार्यकर्ताओ पदाधिकारियो के द्वारा आयोजन किया जायेगा* मंच की राष्ट्रीय अध्यक्षा बहन पूजा छाबड़ा स्वयं भी कई आयोजनों में भाग लेंगी, उन्होंने बताया कि शराब बंदी आंदोलन को जन मुहीम बनाने वाली *बहन पूजा छाबड़ा ने आह्वान किया हैं कि इस तरह के आयोजन किसी के द्वारा भी आयोजित किये जाये उनका समर्थन और सहयोग प्रदेश की गणमान्य जनता करें और बढ़ चढ़ कर ऐसे आयोजन करे,*
तो आइए इस नव वर्ष “शराब छोड़िये दूध पीजिये” अभियान को ऐतिहासिक बनाये,
