कुलपति के साथ कुछ मांगों पर सहमति
राजस्थान विद्यापीठ एवं कुल कर्मचारी संघ एवं वाइस चांसलर प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत के साथ विभिन्न मांगों के सम्बंध में हुई वार्ता में कुछ मांगों पर हुई सहमति। संघ के अध्यक्ष प्रकाष धाकड़ एवं महामंत्री आषीष एस. नन्दवाना ने बताया कि बुधवार को दोपहर तीन बजे संघ की विभिन्न मांगो पर चर्चा के सम्बंध में आमंत्रित किया गया था।
राजस्थान विद्यापीठ एवं कुल कर्मचारी संघ एवं वाइस चांसलर प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत के साथ विभिन्न मांगों के सम्बंध में हुई वार्ता में कुछ मांगों पर हुई सहमति। संघ के अध्यक्ष प्रकाष धाकड़ एवं महामंत्री आषीष एस. नन्दवाना ने बताया कि बुधवार को दोपहर तीन बजे संघ की विभिन्न मांगो पर चर्चा के सम्बंध में आमंत्रित किया गया था।
संघ की प्रमुख मांग थी कि राजस्थान विद्यापीठ विष्वविद्यालय एवं राजस्थान विद्यापीठ कुल, उदयपुर, डबोक, झाड़ोल, एवं अजमेर की संस्थाअेां में 60 वर्ष की आयु से अधिक जितने भी कार्यकर्ता है उन्हें अविलम्ब अपने पद से हटाया जाये। इस पर कुलपति ने बताया कि इस सम्बंध में विश्वविद्यालय की लिस्ट तैयार करवा दी गई है और राजस्थान विद्यापीठ कुल की लिस्ट तैयार करवाई जा रही है इसके लिए उन्होंने संघ से एक दिन का समय और मांगा है।
संघ ने मांग की कि अलोकतांत्रिक तरीकों से विद्यापीठ को बंद करवाया जा रहा है उनके खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की गई। उन्होंनंे कहा कि हीरालाल चौबीसा जो अध्यक्ष के पद हार गया था उसने पांच व्यक्तियों के साथ मिलकर उसी नाम से नया संघ बना दिया और उसका संरक्षक बन गया और आज वहविद्यापीठ को पूरे शहर में बदनाम कर रहा है। इससे संस्था की छवि धूमिल हो रही है। इस पर वाइस चांसलर ने कार्यवाही का आश्वासन दिया। और संस्था को बंद न करने का आग्रह किया।
वार्ता विफल के बाद संघ के सभी पदाधिकारी कुलाधिपति प्रो. बी.एस. गर्ग के निवास पर वार्ता के लिए गये। उन्होंने कहा कि आपकी सभी जायज मांगों पर सहानूभूति पूर्वक विचार किया जायेगा। वार्ता प्रतिनिधि मंडल में संघ के सलाहकार एवं सहायक रजिस्ट्रार रियाज हुसैन, पूर्व अध्यक्ष सुभाष बोहरा, मनोज रायल,रामलाल,आरीफ मोहम्मद, गणेषलाल डांगी, सवाराम डांगी, प्यारेलाल नागदा, धर्मनारायण सनाढ्य, मोडीराम, लक्ष्मी सालवी, श्यामलाल गुर्जर, प्रकाष सिंह जादौन, लोगर गायरी, मंजू कुदाल, शंकरलाल, साहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।
इन मांगों पर सहमति:-
01. जिन कार्यकर्ताओं को गलत तरीके से पदोन्नति दे गई है उनकी जांच करवा कर उन्हे अविलम्ब उन्हे उनके पद से हटाया जायेगा 02. संस्था में एक व्यक्ति को एक ही पद ही दिया जाय। ऐसे कार्यकर्ताओं को अविलम्ब उनके अतिरिक्त पद से हटाया जायेगा। 03. जिन कार्यकर्ताओं को प्रोबेषन पीरियड के अंदर ही उनका केडर बदल दिया गया था उनकी जांच करा उन्हे निरस्त किया जायेगा। 04. जिन कार्यकर्र्ताओ को संस्था में कार्य करते हुए पांच वर्ष से अधिक हो गये है उन्हें स्थायी नियुक्ति दी जायेगी। 05. जिन कार्यकर्ताओं ने अनाधिकृत रूप से संस्था को बंद करवाया है उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। 06. संस्था में कार्यरत कार्यकर्ताओं की वरिष्ठता सूची जारी की जायगीे एवं पदोन्नति का लाभ वरिष्ठता सूचि के अनुसार ही किया जायेगा। जब तक सूची जारी नहीं हो जाती तब तक किसी प्रकार की पदोन्नति नहीं की जायेगी।
