हरियाणा में यहां बनेगा स्पेशल नेचुरल फार्मिंग क्लस्टर, 40 हजार किसानों को मिलेगी मास्टर ट्रेनिंग
Udaipur Times, Haryana News : प्रदेश के खेतों को केमिकल-मुक्त बनाने, किसानों की फसल लागत में कटौती करने के उद्देश्य से बड़ा अभियान शुरू हो रहा है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय अपने प्रदेशव्यापी नेटवर्क के जरिए राज्य के 40 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने जा रहा है। केंद्र सरकार के 'राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन' के तहत एचएयू के सभी 14 कृषि विज्ञान केंद्र इस प्रशिक्षण अभियान की कमान संभालेंगे।
विवि के कुलपति प्रो। बलदेव राज काम्बोज ने बताया कि लक्ष्य मिट्टी की उपजाऊ क्षमता (मृदा स्वास्थ्य) को वापस लौटाना, जहरीले रसायनों से मुक्ति दिलाना व बदलते मौसम (क्लाइमेट चेंज) के दौर में कृषि को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है। ट्रेनिंग के दौरान स्थानीय नस्ल की गाय के गोबर, गौमूत्र से बीजामृत, जीवामृत और घनजीवामृत बनाने की वैज्ञानिक विधि।
मिट्टी में मित्र कीटों और सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या बढ़ाकर प्राकृतिक तरीके से जमीन को उपजाऊ बनाना। एक साथ कई फसलें (बहु-फसली मॉडल) उगाने की तकनीक, जिससे पानी की खपत घटे और आय बढ़े। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार द्वारा कुरुक्षेत्र जिले में 2,000 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती क्लस्टर तैयार किया जा रहा है।
चौपालों पर संवाद किया जाएगा
एचएयू के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ। नरेश कौशिक ने बताया कि विशेषज्ञ खुद किसानों के सामने देसी इनपुट्स तैयार करवाएंगे व व्यावहारिक अभ्यास कराएंगे। गांव-गांव जाकर चौपालों व खेतों में नियमित संवाद स्थापित किया जाएगा। बुवाई से लेकर कटाई तक किसानों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
