गुजराती नाटक ‘‘कोई पण एक फूल नू नाम बोलो तो’’ का मंचन
लोक कलाओं की अन्तरराष्ट्रीय संस्था भारतीय लोक कला मण्डल एवं दि परफोरमर्स के सहयोग से गुजराती नाटक ‘‘कोई पण एक फूल नू नाम बोलो तो’’ की प्रस्तुति गोविन्द कठपुतली प्रेक्षालय में मंचित किया गया ।

लोक कलाओं की अन्तरराष्ट्रीय संस्था भारतीय लोक कला मण्डल एवं दि परफोरमर्स के सहयोग से गुजराती नाटक ‘‘कोई पण एक फूल नू नाम बोलो तो’’ की प्रस्तुति गोविन्द कठपुतली प्रेक्षालय में मंचित किया गया ।
संस्था के सहायक निदेशक गोवर्धन सामर ने बताया की भारतीय लोक कला मण्डल एवं दि परफोरमर्स के सहयोग से गुजराती नाटक ‘‘कोई पण एक फूल नू नाम बोलो तो’’ की प्रस्तुति आज सायं 7.30 बजे संस्था के रंगमंच पर हुई । इस नाटक का निर्देशन शौनक व्यास जिनको गत् वर्ष ‘‘टेलेन्टड यंग डायरेक्टर’’ पद से गुजरात संगीत नाटक अकादमी ने सम्मानित किया था । विक्रम अकादमी ऑफ परफोरमिंग आर्टस, अहमदाबाद द्वारा इस नाटक की प्रस्तुती की गई ।
यह नाटक 1960 में मधु राय द्वारा लिखी गई एक मनोवैज्ञानिक सनसनी खेज़ एवं खूनी रहस्य पर आधिारित दुःखान्त नाटक था । इस नाटक का नायक दर्शकों के मध्य में जाकर एक दर्शक को गोलियों से मार देता है । वह दर्शक कौन था ………… और वह क्यो मारा गया …………. यही इस नाटक में बताया गया ।
इस नाटक में तिलाना देसाई , मिहिर उपाध्याय, यश सोनी, जय मेहता, प्रिया सरधरा एवं प्रणय मेहता ने अपने अपने अभिनय की अमिट छाप छोडी । संस्था के मानद सचिव रियाज तहसीन मुख्य अतिथि थे तथा कार्यक्रम के अन्त में सभी कलाकारों का माल्यार्पण कर आभार व्यक्त किया ।
