लोककला मण्डल में बड़गांव की गवरी का मंचन
जिला प्रशासन एवं माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में मेवाड़ के पारम्परिक जनजाति लोक नृत्य नाट्य ‘‘गवरी’’ का मंचन शुक्रवार को बड़गांव के गवरी कलाकार दल द्वारा किया गया। इस अवसर पर कलाकारों ने गणपति आराधना के पश्चात कालूकीर, बादशाह की फौज, कान- गुजरी, भियावड आदि विभिन्न कथानक पर आधारित खेलों का मंचन

जिला प्रशासन एवं माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में मेवाड़ के पारम्परिक जनजाति लोक नृत्य नाट्य ‘‘गवरी’’ का मंचन शुक्रवार को बड़गांव के गवरी कलाकार दल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर कलाकारों ने गणपति आराधना के पश्चात कालूकीर, बादशाह की फौज, कान- गुजरी, भियावड आदि विभिन्न कथानक पर आधारित खेलों का मंचन किया। इन प्रस्तुतियों में सबसे आकर्षक प्रस्तुति गोमा मीणा व लाखा बंजारा की रही।
इससे पूर्व टीआरआई निदेशक दिनेश चन्द्र जैन, निदेशक (सांख्यिकी) बी.एल.कटारा एवं भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक लईक हुसैन ने श्रीफल एवं पुष्पमालाओं के साथ कलाकारों का स्वागत किया। इसमें लगभग 150 कलाकार ने अपनी कलाओं का प्रदर्शन किया। गवरी को देखने के लिये स्थानीय व्यक्ति, देशी व विदेशी पर्यटकों बड़ी तादाद में उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से अगली गवरी का मंचन 17 एवं 18 सितम्बर को फतहसागर पाल देवाली छोर पर किया जाएगा।
