विकास की पोल खोलती सीढ़ियां, दिव्यांगों के लिए लिफ्ट भी बनी दूर की कौड़ी

सीढ़ियों पर टिकी संवेदनशीलता और सिस्टम की 'विकलांगता'
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Uda

 

Udaipur Times: Udaipur News: 5 जुलाई 2026।  शहर के नियोजित विकास का जिम्मा संभालने वाले उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) कार्यालय की संवेदनहीनता उस समय उजागर हुई, जब दिव्यांग अधिकार संघर्ष न्याय हित मंच के सदस्य दिनेश जाटव को अपने परिवार के साथ अधिकारियों से मिलने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। 

विडंबना यह है कि जिस कार्यालय में शहर को 'स्मार्ट' बनाने की योजनाएं बनती हैं, वहां एक दिव्यांग व्यक्ति के लिए तीसरे माले पर बैठे अधिकारी तक पहुंचना नामुमकिन साबित हो रहा है।

लिफ्ट तो है, पर वहां तक जाने का रास्ता नहीं

दिनेश जाटव ने बताया कि नगर विकास कार्यालय में लिफ्ट की सुविधा तो दी गई है, लेकिन प्रशासन की दूरदर्शिता का आलम यह है कि लिफ्ट तक पहुंचने से पहले ही दिव्यांगों को सीढ़ियां नापनी पड़ती हैं। बिना रैंप या बाधा रहित मार्ग के, यह लिफ्ट उन लोगों के लिए बेमानी है जो व्हीलचेयर या बैसाखी के सहारे चलते हैं।

साहब तक नहीं पहुंच सकी फरियाद

अपनी समस्याओं को लेकर दिनेश जाटव सपरिवार यूआईटी कार्यालय पहुंचे थे। उन्हें तीसरे माले पर बैठे उच्च अधिकारियों से मिलना था। लेकिन जमीनी हकीकत ने उनके हौसलों को तोड़ दिया। सीढ़ियों की बाधा के कारण वे लिफ्ट तक ही नहीं पहुंच पाए, जिसके चलते साहब से मुलाकात किए बिना ही उन्हें वापस लौटना पड़ा।  "यह सिर्फ ईंट-पत्थर की सीढ़ियां नहीं हैं, बल्कि प्रशासन की मानसिकता की बाधाएं हैं। जब एक सरकारी दफ्तर में ही दिव्यांग सुरक्षित और सुलभ महसूस नहीं कर सकते, तो वे पूरे शहर में सुलभता की उम्मीद कैसे करें?"
 

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