आज ही शुरू करें अपने खुद का ये नया बिजनेस, हरियाणा सरकार दे रही सब्सिडी
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा सरकार द्वारा मत्स्य एवं झींगा पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तालाबों के जीर्णाेद्धार के लिए विशेष सब्सिडी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत पुराने तालाबों की मरम्मत, सुधार और पुनर्निर्माण के लिए लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। योजना का मुख्य उद्देश्य मत्स्य उत्पादन बढ़ाना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। साथ ही लाभार्थी हरियाणा राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए। आवेदन करने वाले व्यक्ति की आयु कम से कम 18 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके अलावा आवेदक किसी भी सरकारी या अर्ध-सरकारी संस्था में कार्यरत नहीं होना चाहिए।
कितनी मिलेगी सब्सिडी
सरकार की ओर से परियोजना लागत दो लाख रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। इस पर अधिकतम 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत व्यक्तिगत लाभार्थी को अधिकतम 4 हेक्टेयर तक सहायता मिलेगी, जबकि सहकारी समितियों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों और झींगा क्लस्टर के लिए यह सीमा 20 हेक्टेयर तक तय की गई है।
यह लाभ केवल उन तालाबों पर दिया जाएगा जो पिछले तीन वर्षों या उससे अधिक समय से मत्स्य अथवा झींगा पालन के अंतर्गत उपयोग में हैं। योजना निजी भूमि के तालाबों के साथ-साथ पंचायत तालाब, सरकारी जलाशय, बांध और झीलों पर भी लागू होगी।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा कराने होंगे। इनमें विभाग और मत्स्य किसान के बीच अनुबंध पत्र, पंचायत के साथ समझौता पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या आयु प्रमाण, पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), मत्स्य प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी रिकॉर्ड, नवीनतम कर रसीद, साइट या तालाब की फोटो आदि शामिल हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन को नई दिशा दे सकती है। तालाबों के जीर्णाेद्धार से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और किसानों को अधिक आय प्राप्त होगी। साथ ही झींगा पालन जैसे व्यवसायों को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
