स्वतंत्रता सैनानी चतरसिंह का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार
भारत छोडो एवं स्वतंत्रता आन्दोलन में बढचढ कर भाग लेने वाले 86 वर्षीय स्वतंत्रता सैनानी चतरसिंह सिंघटवाडिया का निधन होने पर मंगलवार को उनके उदयपुर स्थित पैतृक निवास स्थान से अंतिम शवयात्रा निकाली गई जिसमें लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

भारत छोडो एवं स्वतंत्रता आन्दोलन में बढचढ कर भाग लेने वाले 86 वर्षीय स्वतंत्रता सैनानी चतरसिंह सिंघटवाडिया का निधन होने पर मंगलवार को उनके उदयपुर स्थित पैतृक निवास स्थान से अंतिम शवयात्रा निकाली गई जिसमें लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
अतिरिक्त जिला कलक्टर मो. यासीन पठान ने राज्य सरकार की ओर से पुष्पांजलि अर्पित की। अशोकनगर स्थित मोक्षधाम पर मातमी धुन के साथ सशस्त्र बल के जवानों ने फॉयर कर अंतिम विदाई दी। उनके ज्येष्ठ पुत्र कैलाश ने मुखाग्नि दी।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी, तहसीलदार भगवानदास, समाजसेवी गणेश डागलिया, गोपाल शर्मा सहित शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता सैनानी चतरसिंह का सोमवार को निधन हो गया था।
जीवन परिचय:
स्वतंत्रता सैनानी चतरसिंह सिंघटवाडिया का जन्म 4 दिसम्बर 1927 को उदयपुर शहर में हुआ। उन्होंने स्व. माणिक्यलाल वर्मा, मोहनलाल सुखाडिया, हीरालाल कोठारी, कनक मुधकर, बलवंतसिंह मेहता, भूरेलाल बया आदि के साथ देश के स्वतंत्रता आन्दोलन में बढचढ कर भाग लिया।
स्वर्गीय चतरसिंह को वर्ष 2009 में उनके दिए गए उल्लेखनीय योगदान पर जिला कलक्टर ने गणतंत्र दिवस पर जिला स्तरीय समारोह में भी सम्मानित किया था।
स्वर्गीय चतरसिंह अपने पीछे पत्नी, पुत्र-पुत्रियों सहित भरापूरा परिवार छोड गये।

