घर पर रहकर सेल्फ स्टडी के दम पर BPSC में दूसरे प्रयास में बनीं RDO ऑफिसर, जानिए अंजलि कुमारी की कहानी
Udaipur Times, RDO Officer Anjali Kumari Successful Story : पूर्वी चंपारण की बेटी अंजलि कुमारी ने BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा पास करके अपने गांव का नाम रोशन किया है। इस कामयाबी की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग क्लास की मदद लिए, घर पर ही सेल्फ स्टडी के दम पर यह सफलता हासिल की।
BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सफलतापूर्वक पास की
पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज ब्लॉक की नवादा पंचायत के मननपुर गांव की रहने वाली अंजलि कुमारी ने BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली है। उनकी इस कामयाबी से उनके गांव और परिवार में खुशी का माहौल है।

कई चुनौतियों का सामना करते हुए भी अपना हौसला और दृढ़ निश्चय बनाए रखा
अंजलि के नाना-नानी का घर गोविंदगंज पुलिस स्टेशन के इलाके में आने वाले सरेया गांव में है। उनके मामा प्रेम किशोर प्रसाद ने बताया कि पिता के गुज़र जाने के बावजूद अंजलि ने कभी खुद को कमजोर नहीं पड़ने दिया; उन्होंने कई चुनौतियों का सामना करते हुए भी अपना हौसला और दृढ़ निश्चय बनाए रखा।
कॉलेज में पढ़ाई के दौरान प्रशासनिक सेवाओं में करियर बनाने का फैसला किया
अंजलि ने अरेराज के न्यू पटना सेंट्रल स्कूल से अपनी मैट्रिक (10वीं कक्षा) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए मोतिहारी के LND कॉलेज और ग्रेजुएशन के लिए MS कॉलेज में दाखिला लिया। इसी दौरान उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में करियर बनाने का फैसला किया।

सेल्फ स्टडी के दम पर हासिल की सफलता
अंजलि की तैयारी की सबसे खास बात यह थी कि उन्होंने किसी कोचिंग सेंटर की मदद नहीं ली। मोतिहारी में रहते हुए उन्होंने सेल्फ स्टडी का एक अनुशासित रूटीन बनाए रखा, जो उनकी सफलता की कुंजी साबित हुआ।
दूसरे प्रयास में हासिल हुई सफलता
अंजलि ने बताया कि उन्हें यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में मिली, न कि पहले प्रयास में। शुरुआती असफलता से निराश होने के बजाय, उन्होंने फिर से कड़ी मेहनत की और आखिरकार अपना लक्ष्य हासिल कर लिया।

RDO पद के लिए चुना गया
अंजलि को 1670वीं रैंक के साथ ग्रामीण विकास अधिकारी (RDO) के पद के लिए चुना गया है। उनके परिवार के लिए यह उपलब्धि किसी सपने के सच होने जैसी है।