गुस्से में फटने से पहले रुकिए ! सिर्फ 90 सेकंड के चमत्कार से बदल सकते हैं आप अपना व्यवहार, रिलेशनशिप बनेगा मजबूत

 | 
गुस्से में फटने से पहले रुकिए ! सिर्फ 90 सेकंड के चमत्कार से बदल सकते हैं आप अपना व्यवहार, रिलेशनशिप बनेगा मजबूत 

Udaipur Times, 90 Second Magic Rule Between Relationships : गुस्से में कहे गए शब्द दिल को कभी-कभी इतना अधिक चुभ जाते हैं कि रिश्तों में दरार आनी शुरू हो जाती है। भले ही रिश्ता जुड़ जाये लेकिन दिल की कड़वाहट कभी खत्म नहीं हो पाती है। आज हम आपको इस लेख में 90 सेकेंड वाला रूल बताने जा रहे हैं जिसे हर कपल को अपनाना चाहिए।

क्या है 90 सेकेंड रूल ? 

अमेरिकी न्यूरोएनाटोमिस्ट Jill Bolte Taylor के अनुसार, जब कोई घटना हमें गुस्सा दिलाती है, तो मस्तिष्क में एक "एंगर सर्किट" सक्रिय होता है। इस दौरान शरीर में कुछ रसायन (केमिकल्स) निकलते हैं, जो गुस्सा, तनाव और उत्तेजना पैदा करते हैं। ये रसायन लगभग 90 सेकंड में शरीर से बाहर निकलने लगते हैं, यदि हम बार-बार उसी घटना के बारे में सोचकर खुद को और उत्तेजित न करें। 

गुस्सा क्यों बढ़ता है?

जब कोई हमें दुख पहुंचाता है, हमारी बात नहीं मानता या हमारे साथ गलत व्यवहार करता है, तो हम अक्सर उस घटना को बार-बार याद करते हैं। सामने वाले की बातें दोहराते रहते हैं। मन ही मन बहस करते रहते हैं। ऐसा करने से गुस्सा कम होने के बजाय और बढ़ जाता है, क्योंकि हमारा दिमाग उसी प्रतिक्रिया को बार-बार सक्रिय करता रहता है।

90 सेकंड में खुद को कैसे शांत करें?

गुस्सा आना स्वाभाविक है, लेकिन उस गुस्से में तुरंत प्रतिक्रिया देना कई बार रिश्तों और परिस्थितियों को बिगाड़ सकता है। अगर हम सिर्फ 90 सेकंड रुक जाएं, तो हम खुद को शांत कर सकते हैं और बेहतर फैसले ले सकते हैं। इस दौरान गहरी सांस लें या पानी पिएं। इससे आपका दिमाग शांत होगा और आप ज्यादा समझदारी और सेंसिटिविटी के साथ अपनी बात सामने रख पाएंगे। 
 
यानी, अगली बार जब आपको बहुत गुस्सा आए, तो सिर्फ 90 सेकंड खुद को दें। हो सकता है यही 90 सेकंड आपको ऐसी बात कहने या करने से रोक दें, जिसका बाद में पछतावा हो।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News