तीन दिवसीय स्टोरी टेलिंग फेस्टिवल शुरू

कहानियों के प्रभावी प्रस्तुतिकरण ने श्रोताओं को कहानी के साथ आत्मसात करनें पर किया मजबूर
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उदयपुर 9 जनवरी 2026। मां माय एंकर फाउण्डेशन द्वारा आयोजित उदयपुर टेल्स स्टोरी टेलिंग फेस्टिवल की शिल्पग्राम रोड़ स्थित पार्क एक्जोटिका रिसोर्ट में शुरूआत हुई। जिसमें प्रथम दिन स्टोरी टेलर्स के प्रभावी प्रस्तुतिकरण ने वहां मौजूद सैकड़़ों श्रोताओं को उन कहानियों के साथ आत्मसात करने पर मजबूर कर दिया। 

मयूर कलबाग की अघोरी कहानी ने आमजन के मन में अघोरियों के प्रति रच बस गई धारणा को मिटानें पर विवश किया। प्रथम दिन बच्चों के लिये कहानियों से शुरूआत हुई जिसकी मुख्य अतिथि निवृत्ति कुमार मेवाड़ थी।

शाम के महत्वपूर्ण सेशन में मयूर कलबाग की रहस्यमय कहानी अघोरी, अफ्रीकी लोकगीत आकाश के नीचे, बाॅलीवुड कलाकार दिव्य निधि शर्मा समकालीन कहानी जीवन, राजित कपूर कचरे की हिफाजत और मजनू नामक व्यंग्यात्मक नाटक, संजुक्ता सिन्हा डांस कंपनी शास्त्रीय फ्यूजन नृत्य बदलती रेत की प्रस्तुति दी।

मयूर कलबाग ने कहा कि अघोरी हमारे समाज का ही एक अंग है। उन्हें हम समाज से अलग करके नहीं चल सकते। वे शिव आराधक होते है। तकनीकी रूप से काफी एडवान्स होते है। हमनें उनके प्रति एक धारणा बना रखी है कि वे बहुत भयानक होते है। बहुत खौफनाक दिखते है लेकिन जो दिखता है वह कई बार सच नहीं होता है। मैनें उनके साथ रहकर उन्हें नजदीक से देखा है और उसी पर एक पुस्तक लिखी है। उनकी साधना अलग है। वे शिव की आराधना करते है, जाप करते है। अघोरी साधुओं के गुरू होते है। वे शिव में मर्ज हो जाते है। उन्होंने कहा कि कहानियां कहने से आमजन की सोच व उनके विचारों में बदलाव आता है।

इस अवसर पर बाॅलीवुड कलाकार दिव्य निधि शर्मा समकालीन कहानी स्लाईस ऑफ़ लाईफ पर कहा कि समाज स्टोरी को किस प्रकार ग्रहण करता है। उसमें बदलाव देखा गया है। कहानियां सुनने में आमजन के पेशेन्स में कमी देखी जा रही है। यह समाज के साथ बह रहा है। स्लाईस ऑफ़ लाइफ बच्ची के जीवन की तीन झांकियों के बारें में बताया गया है।

फाउण्डेशन की संस्थापक सुष्मिता सिंघा ने बताया कि टीवी एवं बाॅलीवुड कलाकार रजत कपूर ने कचरे की हिफाजत और मजनू नामक व्यंग्यात्मक नाटक की प्रस्तुति दी। उन्हेांने कहा कि कहानी कहना व सुनना सदियों से चला आ रहा है। विश्व में सबसे ज्यादा कहानियां भारत में कहीं जाती है। इस डिजिटल दौर में कहानियों के ऐसे फेस्टिवल बहुत आवश्यक हो गये है। कहानी जिदंगी बदल सकती है। देश में एनएसडी जैसी 100 संस्थाओं की आवश्यकता है। इसके बाद गौरी नीलकांतन काल्पनिक कहानी जादुई बीमारी और राजेश शिंदे संगीतमय लोक कथा संकोची असुर और उल्लाल की शेरनी प्रस्तुत की। इसके अलावा अफ्रीकी लोकगीत आकाश के नीचे, बाॅलीवुड कलाकार दिव्य निधि शर्मा समकालीन कहानी जीवन, राजित कपूर कचरे की हिफाजत और मजनू नामक व्यंग्यात्मक नाटक, संजुक्ता सिन्हा डांस कंपनी शास्त्रीय फ्यूजन नृत्य बदलती रेत की प्रस्तुति ने वहा मौजूद सभी का मनोरंजन किया।

उदयपुर टेल्स के सह संस्थापक सलिल भण्डारी ने बताया कि प्रारम्भ में निवृत्ति कुमारी मेवाड़ आयोजन में आए कई स्कूलों के बच्चे से मिली एवं उन्हें कहानियों के लिए प्रेरित किया। उदयपुर में इस तरह का आयोजन देखकर वह काफी अभिभूत हुई एवं आयोजकों को इसके लिए शुभकामनाएं दी।  

स्टोरी टेलिंग की शुरुआत विलास जानवे द्वारा सुनाई गई छोरा मेवाड़ी सबसे अगाड़ी से की।  विलास जानवे और किरण जानवे द्वारा रोचक कहानी “छोरा मेवाड़ी, सबसे अगाड़ी” एक फुर्तीले, बहुमुखी, चंचल और बुद्धिमान बालक के चरित्र के माध्यम से साहस, मानवता, स्वस्थ जीवनशैली, मोबाइल की लत से मुक्ति, के साथ ही स्वच्छता तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता जैसे मूल्यों को उजागर करने वाली रही। साथ ही रहस्य, रोमांच, संगीत और हास्य से भरपूर उनकी कहानी बच्चों में प्रेरणा की वाहक बनी।

दिल्ली से आई स्टोरी टेलर गोरी मेहता द्वारा सुनाई गई कहानी से बच्चे खूब प्रभावित हुए।  बच्चों को उनके कहानी सुनाने का अंदाज भी खूब पसंद आया। गोरी भी बच्चों में घुल मिल गई और बच्चों के साथ बच्चा बन कर उन्हीं के अंदाज में कहानी सुनाई।  

इसके बाद एक्टर राजेश शिंदे अपने विशिष्ट अंदाज में बच्चों के सामने प्रस्तुत हुए। उनका गेट अप देखकर ही बच्चे रोमांचित हो गए और बच्चों ने मीठा शोर मचाते हुए उनका स्वागत किया। उन्होंने बिट्टू और असूर की कहानी के माध्यम से बच्चों को अंत तक बांधे रखा।  

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