Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा में मानसून के दौरान हुई बारिश को देखते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए तत्परता से कार्रवाई की। इसके बावजूद जिन स्थानों पर पानी की निकासी में अपेक्षाकृत अधिक समय लगा, अब उन स्थानों का पूरा ब्यौरा जुटाया जा रहा है।
लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने प्रदेश के सभी जिलों की संबंधित सब-डिविजन से स्थानवार और डिविजनवार रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में यह जानकारी ली जाएगी कि मानसून के दौरान किन-किन स्थानों पर जलभराव हुआ, पानी की निकासी में कितना समय लगा और यदि कहीं निकासी में देरी हुई तो उसके पीछे क्या कारण रहे।
कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि बारिश की मात्रा को देखते हुए विभाग ने पूरी तत्परता से काम किया और जहां भी जरूरत पड़ी, अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। वे स्वयं भी लगातार अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे। फिर भी जहां पानी निकलने में देरी हुई, उसके कारणों का पता लगाना जरूरी है, ताकि व्यवस्था को और बेहतर किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पिछली बैठक में अधिकारियों को मानसून के दौरान जिला मुख्यालय न छोड़ने तथा अपने-अपने क्षेत्रों में जलभराव और जल निकासी की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही, आवश्यक साधनों और संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया था।
श्री गंगवा ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या जिम्मेदारी में कमी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता को परेशानी होने की स्थिति में किसी भी स्तर पर लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि वे जल्द ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे। इस दौरान जल निकासी में देरी के कारणों और उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस पूरी कवायद का उद्देश्य किसी पर दोष डालना नहीं, बल्कि मानसून के दौरान सामने आए अनुभवों से सीख लेकर व्यवस्था को और मजबूत करना है। सरकार का प्रयास है कि बारिश के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो और किसी भी समस्या पर विभाग तेजी से राहत पहुंचा सके। समस्याओं का स्थायी समाधान और आमजन को बेहतर सुविधा देना सरकार की प्राथमिकता है।
