हरियाणा रोडवेज बसों के ड्राइवर और कंडक्टरों से झगड़ा या मारपीट करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, परिवहन मंत्री ने दिए निर्देश
Udaipur Times, Haryana News : रोडवेज बसों के ड्राइवर और कंडक्टरों से ड्यूटी पर झगड़ा या मारपीट करने वालों पर शिकंजा कसने वाला है। राज्य परिवहन निदेशालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 18 सितंबर को परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठक हुई थी। इसमें 'हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा' द्वारा सौपे गए 15 सूत्रीय मांग पत्र की समीक्षा की गई।
वहीं परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए थे कि चालकों व परिचालकों से मारपीट व विवाद की घटनाओं पर तत्काल सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कुरुक्षेत्र रोडवेज जीएम सुमित्र कुमार ने बताया कि निदेशालय ने सभी पुलिस आयुक्तों को पत्र भेजकर कहा कि ऐसे मामले पुलिस के संज्ञान में भेजे जाएं तो उस पर तुरंत एक्शन लिया जाए।
सभी डिपो के महाप्रबंधकों को आदेश की प्रति भेजकर स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करवाई जाए। विवाद व मारपीट के मामलों की मॉनिटरिंग और समन्वय के लिए डिपो के यातायात प्रबंधक (ट्रैफिक मैनेजर) को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
पे-ग्रेड बढ़ाने के मुद्दे पर प्रस्ताव तलब
मुख्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार बैठक के निर्णयों के तहत जहां चालकों और परिचालकों के रिक्त पदों पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से नियमित भर्ती का रास्ता साफ किया जा रहा है, वहीं कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा देने, पे-ग्रेड बढ़ाने, ओवर-टाइम और जोखिम भत्ता लागू करने जैसे मुद्दों पर संबंधित शाखाओं व वित्त विभाग से तय समय सीमा में प्रस्ताव तलब किए गए हैं।
किन प्रमुख मुद्दों पर क्या फैसला हुआ
चालक व कंडक्टर की नई भर्ती : चालक व कंडक्टर के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती के लिए प्रस्ताव सीएम की मंजूरी के बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
पे-ग्रेड व वेतन वृद्धि : कंडक्टर, स्टोर कीपर और टीपीआई के पे-ग्रेड को पड़ोसी राज्यों के समान करने व लिपकों की तर्ज पर 3 वेतन वृद्धि देने के संबंध में 1 सप्ताह में वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजने को कहा है। चालकों को हेवी पे-ग्रेड देने पर अध्ययन कर प्रस्ताव मांगा है। कैशलेस मेडिकल सुविधा व धुलाई भत्ता-विभाग के सभी कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करने का प्रस्ताव एक सप्ताह में सरकार को भेजा जाएगा। बंद किए गए धुलाई भत्ते को पुनः चालू कराने के लिए भी वित्त विभाग को सिफारिश भेजी जाएगी।
8 घंटे की ड्यूटी व ओवर-टाइम : चालक-परिचालकों से 8 घंटे की ड्यूटी लेने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों व 2002 की पॉलिसी के अनुसार नियमानुसार ओवर-टाइम देने का अध्ययन कर कार्रवाई की जाएगी।
भर्ती चालकों को पक्का करने की तैयारी : 2016 में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर चुके चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने का एजेंडा 1 सप्ताह में तैयार कर वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
1992 से 2004 तक के कर्मचारियों को पेंशन योजना : वर्ष 1992 से 2004 के बीच भर्ती कर्मचारियों का डेटा एकत्रित कर उन्हें नियुक्ति तिथि से पक्का कर ओल्ड पेंशन स्कीम में शामिल करने हेतु वित्त विभाग की राय मांगी जाएगी।
इलेक्ट्रिक बसों का रूट दायरा सीमित : योजना के तहत चल रही इलेक्ट्रिक बसों के रूटों का पुनरावलोकन करते हुए उनके संचालन को शहरों के आसपास के मार्गों तक ही सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं।