हरियाणा सरकार के सख्त निर्देश ! अब इन कर्मचारियों को छुट्टी पर जाने से पहले देना होगा आवेदन
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा सरकार ने महिला कर्मचारियों के शिशु देखभाल अवकाश (सीसीएल) को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। अब कोई भी महिला कर्मचारी विभागीय सक्षम प्राधिकारी की पूर्व लिखित स्वीकृति के बिना इस अवकाश पर नहीं जा सकेगी, अवकाश पर जाने से पहले मानव संसाधन विभाग से मंजूरी लेनी होगी। इसे लेकर सभी विभागाध्यक्षों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
आदेशों में लिखा कि अक्सर देखा जा रहा था कि महिला कर्मचारी अक्काश की तारीख शुरू होने के बाद या बहुत कम समय पहले आवेदन करती हैं। कई मामलों में छुट्टी शुरू होने के बाद आवेदन पत्र मुख्यालय या मानव संसाधन विभाग तक पहुंचता था, जिससे कार्यालयों का कामकाज प्रभावित होता था। Haryana News
विभाग ने इस अवकाश के लिए 17 बिंदुओं वाला निर्धारित प्रार्थना-पत्र प्रारूप भी जारी किया है। इसमें बच्चे की जन्म तिथि, वह तिथि जब बच्चा 18 वर्ष का होगा, अक्काश की अवधि व दफ्तर के काम के सुचारू संचालन से जुड़ी जानकारियां भरनी होंगी। कार्यालय प्रमुख की सिफारिश के बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सक्षम अधिकारी महिला सरकारी कर्मचारी को कुछ शर्तों के अधीन बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टी दे सकता है। कर्मचारी पूरी सर्विस में बच्चों की देखभाल के लिए अधिकतम 730 दिनों की अवधि के लिए अक्काश ले सकती हैं। Haryana News
यह केवल 18 वर्ष से कम उम्र के दो सबसे बड़े बच्चों की देखभाल के लिए होता है। बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टी को अधिकार के तौर पर नहीं मांगा जा सकता है। यह छुट्टी 30 दिनों से कम समय के लिए नहीं ली जा सकती है।
ये 4 प्रमुख बातें जो जानना जरूरी है
सामान्य परिस्थितियों में छुट्टी पर जाने से कम से कम एक माह पूर्व आवेदन-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
संबंधित कार्यालय प्रमुख महिला कर्मचारी का आवेदन कम से कम 15 दिन पूर्व मानव संसाधन विभाग को भेजेंगे। Haryana News
छुट्टी की सिफारिश करने से पहले कार्यालय प्रमुख यह सुनिश्चित करेंगे कि महिला कर्मचारी सीसीएल की हकदार है व उसकी उपस्थिति से दफ्तर का काम प्रभावित नहीं होगा।
बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के छुट्टी पर जाने वाली महिला कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
