हरियाणा में इन अधिकारियों को सख्त निर्देश ! लापरवाही बरती तो होगी सख्त कार्रवाई
Udaipur Times, Haryana News, भिवानी : विधायक घनश्याम सर्राफ और डीसी साहिल गुप्ता ने शनिवार को शहर में विभिन्न डिस्पोजलों पर जाकर बरसाती पानी की निकासी का जायजा लिया। डीसी ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश के पानी की निकासी के लिए जेई से एक्शईन स्तर के अधिकारी फील्ड में रहेंगे। उन्होंने कहा कि बरसाती पानी की निकासी में लापरवाही की तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने बिजली निगम के अधिकारियों को सभी डिस्पोजल पर निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति करने के निर्देश दिए। इस दौरान एडीसी दीपक बाबूलाल करवा, डीएमसी हरबीर सिंह और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षक अभियंता सुनील रंगा मौजूद थे।
डीसी श्री गुप्ता ने सेक्टर 13 के डिस्पोजल, पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के निवास के सामने, शिवनगर डिस्पोजल, देवसर चुंगी डिस्पोजल, दादरी गेट, हनुमान गेट, बावड़ी गेट, एमसी कॉलोनी क्षेत्र का दौरा किया।
इस दौरान शिव नगर क्षेत्र, दादरी गेट और हनुमान गेट के शहर की तरफ के क्षेत्र, बावड़ी गेट से शहरी क्षेत्र और एमसी कॉलोनी में जल भराव की स्थिति मिली। डीसी ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और नगर परिषद अधिकारियों को बावड़ी गेट इलाके में नालों की सफाई करवाने के निर्देश दिए।
डीसी ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अति शीघ्र बरसाती पानी की निकासी करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पंपिंग स्टेशन पर निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति की जाए। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य विभाग के जेई से एक्सइन स्तर के अधिकारी पानी की निकासी के लिए फील्ड में रहेंगे।
डीसी ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे दिन-रात पम्पिंग स्टेशन पर रहे किसी भी प्रकार के लापरवाही पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वहीं दूसरी ओर विधायक घनश्याम सर्राफ भी बरसाती पानी की निकासी का जायजा लेने के लिए शहर में निकले। उन्होंने शहर के विभिन्न डिस्पोजल और अलग-अलग इलाकों का जा जायज लिया। उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और नगर परिषद विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पानी की निकासी में किसी प्रकार की लापरवाही ना बरतें। जहां-जहां भी पानी की निकासी बाधित होती है, उसको ठीक किया जाए।
शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के विभिन्न स्थानों पर आठ डिस्पोजल स्थापित हैं और आठ डिस्पोजल सीवरेज के हैं। विभाग के अनुसार शहर में विकास नगर डिस्पोजल में दो पंप सेट हैं, जिनकी क्षमता 8 क्यूसेक प्रति सेकेंड है। इसी प्रकार से कन्हीराम डिस्पोजल पर दो पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता चार क्यूसेक प्रति सेकेंड है। शिव नगर डिस्पोजल पर दो पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता चार क्यूसेक प्रति सेकेंड है। मिनी सचिवालय के सामने डिस्पोजल पर पांच पंपसेट हैं, जिसकी क्षमता 18 क्यूसेक है। ढाणा रोड डिस्पोजल पर पांच पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता 30 क्यूसेक प्रति सेकेंड है।
इसी प्रकार से जीतूवाला जोहड़ डिस्पोजल पर चार पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता चार क्यूसेक प्रति सेकेंड है। राजकीय महाविद्यालय डिस्पोजल पर दो पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता चार क्यूसेक प्रति सेकेंड है। जागृति कॉलोनी डिस्पोजल पर तीन पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता दो क्यूसेक प्रति सेकेंड है। वैश्य कॉलेज के सामने तीन पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता 28 क्यूसिक प्रति सेकेंड है। लघु सचिवालय चिडिय़ाघर रोड़ पर डिस्पोजल पर चार पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता 58 क्यूसिक प्रति सेकेंड है। निनाण डिस्पोजल पर तीन पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता पांच क्यूसिक प्रति सेकेंड है। देवसर चुंगी डिस्पोजल पर 11 पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता 36.5 क्यूसेक प्रति सेकेंड है। डिफेंस कॉलोनी डिस्पोजल पर तीन पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता दो क्यूसेक प्रति सेकेंड है। ऑटो मार्केट डिस्पोजल पर पांच पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता चार क्यूसेक प्रति सेकेंड है। नेकीराम डिस्पोजल पर दो पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता आठ क्यूसेक प्रति सेकेंड है।
