हरियाणा में 20 नवंबर तक सख्ती ! सभी विभागों को नए नियम लागू करने के निर्देश, कई कामों पर लगा प्रतिबंध
झज्जर, 06 नवंबर : एनसीआर में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने आगामी 20 नवंबर 2026 तक अतिरिक्त एहतियाती उपाय लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत इस अवधि में धूल उत्पन्न करने वाली तोड़फोड़ गतिविधियों और खुले में निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध रहेगा। निर्धारित छूट वाली गतिविधियों को छोड़कर अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों पर सख्ती से रोक सुनिश्चित की जाएगी। डीसी वर्षा खांगवाल ने सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को इन निर्देशों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के दूसरे चरण (ग्रेप-2) के तहत भी वायु प्रदूषण नियंत्रण के उपाय लागू हैं। सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्राधिकार में इन उपायों को पूरी गंभीरता से लागू करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियों पर रहेगी विशेष निगरानी
डीसी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आगामी 20 नवंबर तक प्रतिबंधित निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। सभी अधिकारी अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करें और आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग पर्याप्त कर्मचारियों एवं मशीनरी की तैनाती करते हुए इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
औद्योगिक इकाइयों और प्रदूषण के अन्य स्रोतों पर सख्ती
डीसी ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़ के क्षेत्रीय अधिकारी को औद्योगिक इकाइयों एवं अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों का सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों से होने वाले प्रदूषण, सड़कों की धूल तथा खुले में कूड़ा-कचरा और बायोमास जलाने जैसी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों एवं व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सड़कों की धूल रोकने के लिए एंटी स्मॉग गन और पानी के छिड़काव पर जोर
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि सड़कों पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए संबंधित विभाग एंटी स्मॉग गन और पानी के छिड़काव की व्यवस्था प्रभावी ढंग से करें। निर्माण स्थलों पर धूल को हवा में फैलने से रोकने के लिए जरूरी उपाय किए जाएं। खुले में कूड़ा-कचरा और फसल अवशेष जलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमों की अवहेलना करने वालों के चालान किए जाएं और जरूरत पड़ने पर कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाए।
प्रदूषण नियंत्रण में जिलावासी भी निभाएं सक्रिय भूमिका
डीसी ने जिलावासियों से वायु प्रदूषण नियंत्रण अभियान में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नागरिक अपने वाहनों के पीयूसी प्रमाणपत्र अपडेट रखें, लाल बत्ती पर इंजन बंद करें और वाहनों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करें। खुले में कूड़ा न डालें और न ही जलाएं। अधिक से अधिक पौधे लगाएं तथा पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण के लिए प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की सहभागिता जरूरी है।