झीलो के घटते जल स्तर एवं जलीय वनस्पति की बढ़ोतरी रोकने के पुख्ता उपायो की जरुरत
इस अवसर पर आयोजित संवाद में राय व्यक्त की गई कि तापमान वृद्धि, झीलो के घटते जल स्तर एवं जलीय वनस्पति की बढ़ोतरी रोकने के पुख्ता उपायो की जरुरत है। नन्द किशोर शर्मा ने कहा कि झील पेट्रोलिंग टीम को मजबूत करना चाहिए ताकि झीलो में फेकी जा रही गन्दगी रुक सके। झील विकास प्राधिकरण के सदस्य तेज शंकर पालीवाल ने कहा कि तापमान बढने के साथ ही जलीय वनस्पतियाँ तेजी से पसर रही है जो झील, जल व जलीय जीवों के लिए हानिकारक है, जलीय वनस्पतियों के नियंत्रण के लिए मछली मारने पर रोक लगा कर जलीय वनस्पति खाने वाली मछलीया छाेडनी चाहिए, जैविक विधी से ही जलीय वनस्पतियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है, वरना आने वाली गर्मी में झील के हालात काफी गंभीर हाेगे।
झीलो में लगातर फेके जा रहे घरेलू कचरे ,पोलथिन,शेम्पु के पाऊच, शराब पानी की बोतले,कंडोम, फ़टे पुराने कपड़े तथा सड़ी गली शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री देख सैलानी स्मार्ट शहर की क्या तस्वीर बनाते होंगे।यह चिंता श्रमदान पश्चात् हुए संवाद में व्यक्त किये गए।
झील मित्र संस्थान, झील मित्र समिति व डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित पीछोला के अमरकुंड श्रमदान में मोहन सिंह चौहान, रमेश चंद्र राजपूत, राम लाल गेहलोत, हरीश पुरोहित, विजय मारू, हितेश, दीपेश, तेजशंकर पालीवाल व नन्द किशोर शर्मा ने भाग लिया।

इस अवसर पर आयोजित संवाद में राय व्यक्त की गई कि तापमान वृद्धि, झीलो के घटते जल स्तर एवं जलीय वनस्पति की बढ़ोतरी रोकने के पुख्ता उपायो की जरुरत है। नन्द किशोर शर्मा ने कहा कि झील पेट्रोलिंग टीम को मजबूत करना चाहिए ताकि झीलो में फेकी जा रही गन्दगी रुक सके। झील विकास प्राधिकरण के सदस्य तेज शंकर पालीवाल ने कहा कि तापमान बढने के साथ ही जलीय वनस्पतियाँ तेजी से पसर रही है जो झील, जल व जलीय जीवों के लिए हानिकारक है, जलीय वनस्पतियों के नियंत्रण के लिए मछली मारने पर रोक लगा कर जलीय वनस्पति खाने वाली मछलीया छाेडनी चाहिए, जैविक विधी से ही जलीय वनस्पतियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है, वरना आने वाली गर्मी में झील के हालात काफी गंभीर हाेगे।
