छात्र अपने कौशल विकास के द्वारा आत्म निर्भर बने – प्रो. सारंगदेवोत
जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विवि के संघटक जनशिक्षण एवं विस्तार कार्यक्रम निदेशालय की ओर से ‘‘ कौशल विकास विषयक’’ पर दो दिवसीय संगोष्ठी के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के पद से बोलते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि छात्र अपनी पढ़ाई के साथ किसी विषय में अपनी महारत हासिल करेगा तो वह अपने जीवन के किसी भी क्षेत्र में पिछे नहीं रह सकता है।
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जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विवि के संघटक जनशिक्षण एवं विस्तार कार्यक्रम निदेशालय की ओर से ‘‘ कौशल विकास विषयक’’ पर दो दिवसीय संगोष्ठी के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के पद से बोलते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि छात्र अपनी पढ़ाई के साथ किसी विषय में अपनी महारत हासिल करेगा तो वह अपने जीवन के किसी भी क्षेत्र में पिछे नहीं रह सकता है।
आज के समय विद्यार्थी को अपनी पढ़ाई के साथ अपने कौशल विकास पर भी ध्यान देना चाहिए। यह कहना था का। उन्होंने कहा कि इसी बात को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा स्कील डवलपमेंट के नाम से नया विभाग भी खोलने जा रहा है। समारोह की अध्यक्षता निदेशक डॉ. मंजू मांडोत ने की। समारोह का संचालन डॉ. भवानीशंकर दाधिच ने किया जबकि धन्यवाद हीरालाल चौबीसा ने किया।
इस अवसर पर डॉ. मंजू मांडोत, बालकृष्ण शुक्ला, डॉ. धमेन्द्र राजोरा, देवीलाल गर्ग ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में ग्रामीण प्रौद्योगिकी के छात्र छात्राओं को आंवले का आचार, एपल का जेम बनाना दिखाया गया जिससे छात्र आत्म निर्भर बन सकें। इस अवसर पर ग्रामीण प्रौद्योगिकी के छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
