विद्यार्थियों ने पाया प्रैक्टिकल अनुभव

जीवन में सफलता पाने के लिए थियोरिटिकल के साथ-साथ प्रेक्टिकल अनुभव भी होना बहुत जरूरी है। थियोरिटिकल अनुभव तो क्लास में मिल जाता है लेकिन प्रेक्टिकल अनुभव के लिए बाजार में उतरना पड़ता है। ऐसा ही कुछ प्रेक्टिकल अनुभव प्राप्त किया पायोनियर इन्स्टी्यूट ऑफ मेनेजमेनट के विद्यार्थियों ने नगर परिषद के दशहरा-दीपावली मेले में।

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विद्यार्थियों ने पाया प्रैक्टिकल अनुभव

जीवन में सफलता पाने के लिए थियोरिटिकल के साथ-साथ प्रेक्टिकल अनुभव भी होना बहुत जरूरी है। थियोरिटिकल अनुभव तो क्लास में मिल जाता है लेकिन प्रेक्टिकल अनुभव के लिए बाजार में उतरना पड़ता है। ऐसा ही कुछ प्रेक्टिकल अनुभव प्राप्त किया पायोनियर इन्स्टी्यूट ऑफ मेनेजमेनट के विद्यार्थियों ने नगर परिषद के दशहरा-दीपावली मेले में।

संस्थान के निदेशक प्रतीक गुप्ता ने बताया कि इस मेले में 11 विद्यार्थियों ने अपनी स्कील को जनता के सामने प्रस्तुत कर प्रोक्टिकल अनुभव प्राप्त करने के लिए दुकान लगायी। उन्होंने बताया कि यह स्टूडेन्ट्स के कोर्स का एक हिस्सा है। इस कोर्स के जरिये स्टूडेन्ट्स एमबीए पाठ्यक्रम में अनुभव प्राप्त करते है। इसमें प्रतिवर्ष अलग-अलग स्टूडेन्ट्स अलग-अलग स्टॉल लगाते है।

विद्यार्थियों ने शुभ मंगल कंपनी की स्थापना की और उसका आईपओ निकाल कर उसके शेयर स्टॉफ मेंबर्स, स्टूडेन्ट्स एंव अन्य इन्वेस्टर्स को बेचे। उससे प्राप्त आय से ये विद्यार्थी मेले में दुकान लगाकर डेकोरेटिव आइटम,दीये, झालर,तोरण, केंडल्स, रंगोली,स्टीकर्स आदि की सेल कर मुनाफा कमाकर कुछ हिस्सा रखकर बाकि के हिस्से को निवेशको में बांट देते है।

पायोनियर इन्स्टीट्यूट के चेयरमेन एन.के.गुप्ता ने बताया कि पिछले 5 वर्षो से ये विद्यार्थी मेले में स्टॉल लगा रहे है। विद्यार्थियों में छोटे स्तर पर ही इस प्रकार के आयोजन कराकर उनमें सेल्फ स्कील की भावना उत्पन्न की जाती है ताकि वे जीवन मे कुछ नया कर सके। उन्होंने बताया कि इस मेले में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को अन्य मेले में भाग लेने के लिए दिल्ली में होने वाले इंडिया इन्टरनेशनल ट्रेड फेयर भेजा जाता है।

इसमें गजराज, दिनांक पांड्या, अंकुर नानावटी, हिमांशु, शोएबा, हिना, ओम तराजिया और नीरज सहित 11 विद्यार्थी शामिल थे।

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