विद्यार्थियों ने जानी बैंकिंग प्रणाली
सेक्टर-3 व ढीकली रोड, प्रताप नगर स्थित एम.डी.एस. सीनियर सैक्ण्डरी स्कूल कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं कॉमर्स संकाय के विद्यार्थीयों ने आज बैंक की कार्यप्रणाली व भारतीय रिज़र्व बेंक द्वारा बैंकिंग रेग्युलेषन का विस्तृत अध्ययन किया।
सेक्टर-3 व ढीकली रोड, प्रताप नगर स्थित एम.डी.एस. सीनियर सैक्ण्डरी स्कूल कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं कॉमर्स संकाय के विद्यार्थीयों ने आज बैंक की कार्यप्रणाली व भारतीय रिज़र्व बेंक द्वारा बैंकिंग रेग्युलेशन का विस्तृत अध्ययन किया।
इस कार्यक्रम में एमडीएस व केरियर हाईट्स के संयुक्त तत्वावधान में सीऐ-सीपीटी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सेक्टर-4 आईसीआईसीआई बेंक में ले जाकर बैंक में किस तरह कार्य व बैंक में पैसा जमा व निकास , लोन व अन्य लेन-देन की प्रणाली को समझा।
सबसे पहले बच्चों ने हॉलडिंग के बारे में जाना की किस टेबल पर कौनसा कार्य होता है। उसके पश्चात बच्चों ने स्कूल अकाउट में पैसा जमा करवाये जिससे उन्हे पता चला की किस तरह अकाउण्ट में पैसे जमा होते है व किस किस तरह बैंक की स्लिप को भरा जाता है। इसी के साथ बच्चो ने बैंक लॉकर्स के बारे में जानकारी प्राप्त कि लौकर्स में किस तरह कस्टमर अपना कोई भी किमती सामान रख सकता है व उसको किस तरह निकाल सकते है।
आईसीआईसीआई बेंक के ब्रांच मेनेजर शशांक जैन व सीए रोमिल जैन ने सभी विद्यार्थियों के प्रश्नों के बखूबी जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। एक विद्यार्थी ने जब यह पूछा कि क्या ऐसा संभव है कि सभी खाताधारक एक ही समय पर एक ही बैंक से पैसा निकाले तो बैंक पर क्या प्रभाव पडेगा जिसका एमडीएस के निदेषक डा. शैलेन्द्र सोमानी, ब्रांच मेनेजर षषांक जैन व सीए रोमिल जैन ने संयुक्त रूप से कहा कि भारत जैसे बडे डेमोक्रेटिक देश में ऐसा होना संभव नही है फिर भी संभावनाओ से इनकार नहीं किया जा सकता है, जैसा कि किसी वक्त अमेरिका में हुआ था। भारत में भारतीय रिज़र्व बेंक सभी बेंक को ऐसी परिस्थिती में मदद करता है।
बच्चों ने एटीएम के बारे में भी जानकारी प्राप्त कि किस तरह बैंक का एटीएम कार्य करता है। बच्चों एटीएम का प्रयोग कर उसकी जानकारी प्राप्त की। अंत में सभी को आइसीआईसीआई बैंक की तरफ से अल्पाहार भी दिया गया।
