राष्ट्र भावना को समर्पित हो छात्र – कैलाश मेघवाल
समाज का समग्र विकास शिक्षा से सम्भव है लेकिन वर्तमान परिपेक्ष्य भी बदला है अब संस्थानों में ऐसे छात्रों को तैयार करने की आवश्यकता है जो राष्ट्र को समर्पित हो। इसका बहुत बड़ा दायित्व हमारे षिक्षकों पर भी है।
समाज का समग्र विकास शिक्षा से सम्भव है लेकिन वर्तमान परिपेक्ष्य भी बदला है अब संस्थानों में ऐसे छात्रों को तैयार करने की आवश्यकता है जो राष्ट्र को समर्पित हो। इसका बहुत बड़ा दायित्व हमारे षिक्षकों पर भी है।
अब हमारे शिक्षण संस्थानों से अधिक से अधिक संख्या में इंजीनियर, डॉक्टर, शिक्षक, पायलट और वैज्ञानिक निकले यह आव्हान राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने गुरूवार को जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विष्वविद्यालय के 78 वे स्थापना दिवस पर अध्यापकों एवं कार्यकर्ताओं से किया।
उन्होनें इस जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र में राजस्थान विद्यापीठ के कार्यो की तथा पं. जनार्दन राय नागर के योगदान की सराहना की। अवसर था जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के 78 वे स्थापना दिवस का।
विधानसभा अध्यक्ष कैलाष मेघवाल ने नवाचार अपनाने और शोध की संख्या में बढोत्तरी करने की बात कही। उन्होने कहा कि हमारे इस आदिवसी अंचल में शोध के जितने अवसर है उतने ही विषय भी। आवश्यकता इस बात की है कि इन जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में अधिक से अधिक हो ताकि उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए खासे प्रयास भी किए जा सके। इन शोध कार्यों का लाभ निश्चित तौर पर इन गरीब और आदिवासी लोगों को मिल सकेंगा।
इस अवसर पर विद्यापीठ विश्वविद्यालय के नवनियुक्त चांसलर एच.सी. पारख ने संदेष में कहा कि राष्ट्र की शैक्षिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति में विद्यापीठ अपनी भूमिका को निरन्तर सक्रिय बनाए हुए है। सामने आने वाली चुनौतियों का सामना कर हम और मजबूती से अपने कदम आगे बढ़ाऐंगे। यह दिन हमारे लिए अपने सामाजिक दायित्वों को पूर्ण भाषित करने का है। जिन मूल्यों और उद्धेश्यों के लिए विद्यापीठ जैसी संस्थाओं का निर्माण हुआ है।
पारख ने बताया कि स्थापना दिवस हमारे लिए आत्म चिंतन का अवसर है। अच्छे समाज को बनाने की जिम्मेदारी शिक्षा की हैं, इस अवसर पर कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने बताया कि विद्यापीठ समग्र ग्रामीण समुदाय के उत्थान के लिए कार्य करेगी जो कि संस्थापक जनु भाई का सपना था। विद्यापीठ के सभी विभागों तथा संकायों द्वारा इसी वर्ष गांवों तथा ढाणियों को गोद लेकर जनजाति समुदाय में प्रौढ़ शिक्षा, महिला एवं बाल शिक्षा, आंगनवाड़ी, पर्यावरण, सामाजिक सरोकर, जनसंख्या शिक्षा तथा ग्रामीण समुदाय के लिए रोजगारोन्मुखी कार्य हाथ में लेकर उसका लाभ ग्रामीण समुदाय को दिया जाएगा।
इस अवसर पर में पीठ स्थविर प्रो. एस.के. मिश्रा ने कार्यकत्ताओं से आह्वान किया कि वे सत्य अहिंसा और विवेक का साथ दे। बताया कि गांधी जी ने हमेशा सत्य, अहिंसा और विवेक का समर्थन किया। विद्यापीठ के समक्ष चुनौतियाँ और अवरोध आये संघर्ष से साक्षातकार भी हुये लेकिन विद्यापीठ की विकास यात्रा नियंत्रित रही।ध्वजारोहण पंडित नागर को नमन- कार्यक्रम में पीठ स्थविर प्रो. एस.के. मिश्रा ने संस्था ध्वज का ध्वजारोहण किया तथा समस्त कार्यकत्ताओं ने पंडित नागर की प्रतिमा पर पुष्पाजंली अर्पित कर उनको नमन किया। धन्यवाद ज्ञापन रजिस्ट्रार प्रो. सी.पी. अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार प्रो. सी.पी. अग्रवाल, डॉ. हेमशंकर दाधीच, डॉ. प्रकाश शर्मा, डॉ. हरीश शर्मा, प्रो. सुमन पामेचा, प्रो. प्रदीप पंजाबी, डॉ. सुनिता सिंह, डॉ. मंजू माण्डोत, डॉ. सरोज गर्ग, डॉ. सत्यभूषण नागर, डॉ. शैलेन्द्र मेहता, डॉ. राजन सूद, कौशल नागदा और डॉ. धमेन्द्र राजोरा अधिष्ठाता अरूण पानेरी, डॉ. शषि चित्तोड़ा, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष ओम पारीक, छात्र नेता विजय दलाल सहित कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष ओम पारीक, छात्र नेता विजय दलाल सहित छात्रों ने विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल को श्रीनाथ जी की तस्वीर, उपरना, पाग पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।