IIT दिल्ली से पढ़ाई, ISRO में रिसर्च प्रोजेक्ट, HPSC में टॉप और फिर हरियाणा की बेटी बनीं IPS अफसर
Udaipur Times, IPS Jaya Sharma : हरियाणा की बेटी जया शर्मा ने कम उम्र में ही शानदार कामयाबी हासिल की है। वह 2024 बैच की एक युवा (Gen-Z) IPS अधिकारी हैं। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में UPSC परीक्षा पास की। इससे पहले, उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में टॉप किया था, जिसमें उन्होंने 8वीं रैंक हासिल की और DSP का पद पाया।
ISRO में एक रिसर्च प्रोजेक्ट पर भी काम किया
जया शर्मा का जन्म 3 अप्रैल 1997 को हरियाणा के बरवा गांव में हुआ था। उनके पिता, प्रमोद शर्मा, खाद्य और आपूर्ति विभाग में DFSC (जिला खाद्य और आपूर्ति नियंत्रक) के पद पर कार्यरत थे, जबकि उनकी मां, नीतू शर्मा, एक गृहिणी हैं। जया बचपन से ही पढ़ाई में होनहार और मेहनती रही हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से गणित में B.Sc. किया और उसके बाद IIT दिल्ली से M.Sc. की डिग्री हासिल की। शुरुआत में उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में अच्छी पोस्ट पर काम किया, लेकिन जल्द ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा की तैयारी पर पूरा ध्यान देने के लिए सब कुछ छोड़ने से पहले उन्होंने ISRO में एक रिसर्च प्रोजेक्ट पर भी काम किया था।
सेल्फ स्टडी के दम पर HPSC में हासिल की 8वीं रैंक
दिलचस्प बात यह है कि जया ने सिविल सेवा परीक्षा के लिए किसी कोचिंग क्लास में दाखिला नहीं लिया; इसके बजाय, उन्होंने खुद तैयारी की। अपनी काबिलियत के दम पर, उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में राज्य सिविल सेवा परीक्षा पास की और 8वीं रैंक हासिल की। साथ ही, वह संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में भी शामिल हो रही थीं।
दूसरे प्रयास में बनीं IPS अधिकारी
UPSC का सफर जया के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण था। वह अपने पहले प्रयास में सफल नहीं हो पाईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार उनकी मेहनत दूसरे प्रयास में रंग लाई और उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा 2023 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 248 हासिल की। उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैडर मिला और वह 2024 बैच की IPS अधिकारी बनीं। जब UPSC के नतीजे घोषित हुए, तब वह हरियाणा में अंडर-ट्रेनिंग
DSP के पद पर तैनात थीं।
जया शर्मा की सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणात्मक
जया शर्मा की सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो शुरुआती असफलताओं के बाद हार मान लेते हैं और अपने लक्ष्यों को पाने के लिए दोबारा कोशिश नहीं करते। दिल्ली यूनिवर्सिटी से IIT दिल्ली, फिर ISRO और आखिर में DSP से IPS बनने तक का उनका सफर वह भी इतनी कम उम्र में सचमुच मिसाल कायम करने वाला है।