दृढ़ निश्चयी व्यक्ति के कदम चूमती है सफलता

दृढनिश्चयी व्यक्ति ही सफलता प्राप्त करता है और ऐसे व्यक्ति समाज के लिये उपयोगी होते है। इसी कारण देव शक्ति भी मानव शक्ति के आगे झुक जाती है। उक्त विचार श्रमण संघीय महामंत्री श्री सौभाग्य मुनि कुमुद ने पंचायती नोहरा में विशाल धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए प्रकट किये।

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दृढ़ निश्चयी व्यक्ति के कदम चूमती है सफलता

दृढनिश्चयी व्यक्ति ही सफलता प्राप्त करता है और ऐसे व्यक्ति समाज के लिये उपयोगी होते है। इसी कारण देव शक्ति भी मानव शक्ति के आगे झुक जाती है। उक्त विचार श्रमण संघीय महामंत्री श्री सौभाग्य मुनि कुमुद ने पंचायती नोहरा में विशाल धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए प्रकट किये।

मुनि ने कहा दृढ़ एवं स्थिर सोच वाले व्यक्ति इतिहास रचा करते है। तप, साधना, धार्मिक क्रियाए, दृढ़ विचार शक्ति को जन्म ही नही देते अपितु भावना को और सुदृढ़ बनाते है। चारित्रिक दृढ़ता राजशक्ति को भी झुका देती है।

उन्होंने कहा कि निस्वार्थ और दृढ़ निश्चयी भावना ही लक्ष्य साधना में सहायक होती है और यश प्राप्त करती है। कारगिल के युद्ध के समय आत्म-विश्वासी और दृढ़ निश्चय भारतीय सैनिको ने शत्रु को दांतो चने चबा दिये और देश का गौरव और मान रखा। बिना दृढ निश्चय के यह होना असम्भव था। महारानी पद्मिनी ने रजपूती आन की रक्षा के लिए सोलह हजार रानीयों के साथ जोहर कर लिया। एक नही, दो नही, सोलह हजार रानियों ने अपने दृढ़ निश्चय के कारण ही तो जोहर किया, अग्नि की लपटे भी उनके लिए शीतल जल सी थी और एक इतिहास रचा गया। भारतीय नारी के गौरव का इतिहास।

मुनि ने बड़े दु:ख से बताया कि वर्तमान में मनुष्य में दृढ़ निश्चय देखेन को नहीं मिलता है। आज तो अवसर वादिता का बोलबाला है। धर्म-ज्ञान के अभाव में नैतिकता का कोई मूल्य नही रह गया है और मनुष्य अपनी निष्ठा खो बैठा है। समय समय पर पार्टियो के प्रति निष्ठा ऐसे बदली है जैसे शरीर के कपड़े बदलते है। जिसकी स्वयं की निष्ठा ही नही है वह औरों को क्या निष्ठावान बनाएगा।

हमें धार्मिक विधियो को अपनाकर, जिसमें जप, साधना, तप, सेवा आदि आते है आंतिरक शक्ति को बढ़ाना है। उसके बिना लक्ष्य सिद्ध नही हो पाता है। बिना उसके अशान्ति के घेरे में आ जाते है और भटक जाते है। इस सांसारिक जीवन में सब है। हमारे शास्त्र श्रेष्ठ ह,ै वे हर समस्या का समाधान ही नही करते र्बिल्क मार्गदर्शन भी करते है। उनके द्वारा बताई गई बातों पर अमल करके दृढ़ निश्चयी और संकल्पवाले बनते है। जो सत्य को जानता है वह बलिदान के लिये भी तत्पर रहता है। वह श्रेष्ठ होता है। अपने जीवन व गुणो को बनाने और बढ़ाने वाले के जीवन में निखार आता है। हमें अपने धर्म ग्रन्थो का मनन और अध्ययन करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन का महामंत्री हिम्मत बड़ाला ने किया।

संघ के अध्यक्ष वीरेन्द्र डंागी ने बताया कि 14 सितम्बर रविवार को श्रमणसंघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि महाराज के सानिध्य में पंचायती नोहरे में धर्म ज्योति परिषद का अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। जिसमें देश भर से श्रावक-श्राविकाएं भाग लेगी।

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