Success Story : शादी के बाद भी नहीं मानी हार, कड़ी मेहनत से क्रैक किया BPSC, सिपाही से बनीं DSP

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DSP Babli Success Story: कहते है की अगर इरादे नेक हो तो जीवन भी कोई भी मुकाम हासिल करना मुश्किल नहीं होती है। सफलता पाने के लिए हमेशा मजबूत इरादा होना चाहिए। आ हम आपको बताने वाले है बिहार के बोध गया की रहने वाली बबली कुमारी की। जिन्होंने कड़ी चुनौतियों को पार कर सिपाही से DSP का पद हासिल किया है। उनकी कहानी देश की उन तमाम बेटियों के लिए मिसाल है जो परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए आगे बढ़ने का सपना देख रही हैं।

बस चलाते थे पिता

डीएसपी बनी बबली का जन्म 1995 में बिहार के एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता तुलसी दास गया में किसानी के साथ-साथ घर का खर्च चलाने के लिए स्कूल बस भी चलाते थे।बबली ने 12वीं के बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। Success Story

उठाई किताबें

साल 2013 में बबली कुमारी की शादी बोध गया के रोहित कुमार के साथ हो गई। रोहित का एक छोटा-सा बिजनेस था, फिर बबली ने अपने ससुराल में सरकारी नौकरी की तैयारी करने की बात रखी। ससुराल वालों ने भी उनका पूरा सपोर्ट किया। पति ने हौसला बढ़ाया। Success Story

पुलिस कॉन्स्टेबल की नौकरी

परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए साल 2015 में उनका चयन बिहार पुलिस में कॉन्स्टेबल पद पर हो गया। बबली बताती हैं कि कई-कई बार उनकी ड्यूटी 20-20 घंटे की भी हो जाती थी। उनका लक्ष्य BPSC परीक्षा पास करना था। Success Story

BPSC की तैयारी

पुलिस की नौकरी करते हुए बबली ने BPSC परीक्षा करने का सपना पूरा करने के लिए कमर कस ली। फिर परीक्षा पास करने के लिए ड्यूटी के बीच पढ़ाई जारी रखी । प्रेग्नेंसी के दौरान भी बबली ने BPSC की तैयारी नहीं छोड़ी। 

DSP बनीं बबली कुमारी

बबली ने दो बार BPSC एग्जाम दिया, लेकिन दोनों पर निराशा हाथ लगी। फिर भी उनके कदम डगमगाए नहीं। तीसरी बार की मुख्य परीक्षा के लिए उन्होंने छुट्टी ली और सफलता हासिल की। Success Story

साल 2022 की BPSC 66वीं परीक्षा में बबली कुमारी ने 208वीं रैंक हासिल की थी और कॉन्स्टेबल से डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) बनी थीं।

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