Success Story : खतरनाक बीमारी में भी नहीं मानी हार, झुग्गी-बस्ती में रहने वाली लड़की ने पहले प्रयास में क्रैक किया UPSC एग्जाम
IRS Ummul Kher Success Story : कहते है की मेहनत करने वालों की कभी भी हार नहीं होती है उन्हे सफलता एक न एक दिन अवश्य मिलती है। जो लोग खराब हालत में भी मेहनत करना नहीं छोड़ते है सफलता उन्हीं के कदम चूमती है। आज हम यक ऐसी कहानी के बारें में बताने जा रहें है जिसने अपनी कड़ी मेहनत से वो हर मुकाम हासिल किया है जिसकी वी हकदार थी।
आज हम बात कर रहें है उम्मुल खेर की। जिन्होंने तमाम दिक्कतों के बावजूद अपने पहले ही प्रयास में UPSC क्रैक कर लिया था। दरअसल, उम्मुल खेर जब पांच साल की थीं, तब उनका परिवार दिल्ली आ गया था।
उनके पिता हजरत निज़ामुद्दीन के पास कपड़ा बेचते थे और वो पास की ही एक झुग्गी बस्ती में रहते थे। बचपन से ही उन्हें पता था कि जीवन कठिन है, लेकिन तब उन्हें ये नहीं पता था कि उनका अपना शरीर ही उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाएगा। IRS Ummul Kher Success Story
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उम्मुल को एक दुर्लभ हड्डी की बीमारी हो गई थी, जिसका नाम ब्रिटल बोन डिजीज है। इस बीमारी में हड्डियां बहुत कमजोर हो जाती हैं और बिना किसी ठोस कारण या मामूली चोट से आसानी से टूट जाती हैं। Success Story उम्मुल जब थोड़ी बड़ी हुईं तो उन्हें 16 फ्रैक्चर और 8 सर्जरी हो चुकी थीं, लेकिन इतना सब होने के बावजूद उनकी आगे बढ़ने और पढ़ाई करने की इच्छाशक्ति कम नहीं हुई।
उन्होंने पांचवीं कक्षा तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकली हैंडीकैप्ड में पढ़ाई की और उसके बाद अमर ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट में दाखिला लिया। IRS Ummul Kher Success Story

तोड़े संबंध
8वीं कक्षा पास करने के बाद उम्मुल को एक ऐसे स्कूल में छात्रवृति मिल गई, जहां बेहतर सुविधाएं थीं। ये उनके लिए पढ़ाई करके आगे बढ़ने का अच्छा मौका था। हालांकि उनके माता-पिता की सोच अलग थी। उन्होंने उनसे कहा कि तुम बहुत पढ़ चुकी हो, अब पढ़ाई छोड़ दो। Success Story उम्मुल ने पढ़ाई छोड़ने से इनकार कर दिया, जिसका नतीजा ये हुआ कि उनके माता-पिता ने ही उनसे सारे संबंध तोड़ लिए। उस समय उम्मुल की उम्र सिर्फ 14 साल थी।
ट्यूशन पढ़ाकर गुजारा
वह अकेले पड़ गईं, इसलिए उन्होंने गुजारे के लिए झुग्गी के बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। हर बच्चे से उन्हें 50 से 100 रुपये तक मिलते थे। हालांकि इन पैसों से मुश्किल से ही गुजारा चलता था, लेकिन अच्छी बात ये रही कि उनकी जिंदगी आगे बढ़ती गई। फिर उन्होंने 10वीं की बोर्ड परीक्षा दी, जिसमें उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और उसके बाद 12वीं में तो उन्होंने 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। IRS Ummul Kher Success Story
12वीं के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित गार्गी कॉलेज में एडमिशन लिया और तमाम तरह की चुनौतियों से लड़ते हुए अपनी पढ़ाई पूरी की। Success Story

420वीं रैंक
ग्रेजुएशन के बाद उम्मुल ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री ली। अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने बस एक ही लक्ष्य बनाया था कि उन्हें सिविल सेवा में ही जाना है। चूंकि वह झुग्गी-झोपड़ी में रहने का दर्द झेल चुकी थीं, बोन फ्रैक्चर और सर्जरी से भी उबर चुकी थीं, जिन्हें देखकर ज्यादातर लोग हार मान लेते हैं, पर उन्होंने हार नहीं मानी साल 2017 में 28 साल की उम्र में UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी। IRS Ummul Kher Success Story
ये उनका पहला प्रयास था और पहले ही प्रयास में वह शानदार 420वीं रैंक के साथ UPSC परीक्षा पास करने में सफल रहीं। उनका चयन IRS अधिकारी के रूप में हुआ।
